भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत जांच अधिकारी के पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी व ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव में हड़कंप
1 min readयोगी राज में लाखों रुपए खर्च करके नहीं साफ हुआ तालाब
भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत जांच अधिकारी के पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी व ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव में हड़कंप
कादीपुर/ सुलतानपुर
आजादी के 77 बर्ष बाद भी भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।जिस भ्रष्टाचार का हथियार बना कर ग्राम प्रधान सत्ता में आते हैं। और उसी दल-दल में फंसकर भ्रष्टाचार करना शुरू कर देते हैं। इतना ही नहीं भ्रष्टाचार की पोल उस समय खुल गई जब जांच अधिकारी पंचायत भवन परिसर में पहुंचे और एक एक करके शिकायत की गुणवत्ता पर जांच करना शुरू किया तो ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव के माथे पर पसीना आने लगा। वहीं पंचायत भवन के बगल स्थिति,खेल मैदान के चारों तरफ बाउंड्री वॉल तो बना हुआ है।उसी बाउंड्री वॉल के बगल में अवैध नीम की लकड़ी कटी हुई नजर आया। और एक चबूतरे के बीच पेड़ के बगल में स्थित गड्ढा खोदा हुआ पाया गया है जो खेल मैदान खेलने पर खतरा बना हुआ है। और अनाधिकृत रूप से गिट्टी व मोरंग गिराकर उसी खेल के मैदान से व्यापार किया जा रहा है। आइए आपको लें चलते हैं खजुराहो तालाब की तरफ जहां गांव की सुन्दरता व जल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन सरकार लाखों करोड़ों रुपए एक एक तालाब पर खर्च कर ग्राम पंचायत समिति तालाब को सुन्दर बनाने का शुभारंभ किया, लेकिन हालात खजुराहो तालाब में तलपटनी का अम्बार लगा हुआ है।जिसकी जांच अधिकारी के निर्देश पर चारों तरफ तालाब की नाप लिया गया। चारों तरफ लगायें गये। और फर्जी रुपए से स्टीमेट बना कर कुछ कार्य जेसीबी मशीन और कुछ मजदूरों से कार्य कराकर फर्जी जाब कार्ड पर पैसा निकाल लिया था और पेड़ों के बारे में जानकारी जनता ने मांग तो बड़े आसानी से ग्राम पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने घुमा दिया।जिसका जवाब जनता को नहीं मिला। उसके बाद चकमार्ग के निरीक्षण करने पहुंचे की जिस पर आरोप लगाया था,की रोटावेटर से जोताई कर मजदूरी निकाल लिया गया है। अधिकारियों ने नाप करके नोट कर लिया है। वहीं आरोप है कि अजय सिंह के चक से पोखर दहा बार्डर तक मरम्मत रोटावेटर से जोताई करके अवैधानिक तरीके से पैसा निकाल लिया है।जिसकी जांच की गई तो पता चला कि रोटावेटर से जोताई हुई है। मिट्टी भुरभुरी थी।
लोकपाल जांच अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान एवं शिकायत कर्ता को एक सप्ताह का समय दिया है, कहा गया कि सभी दोनों पक्षों साक्ष्य उपलब्ध कार्यालय पर उपलब्ध कराने का समय दिया है।

