18 साल पुराने डकैत-पुलिस मुठभेड़ मामले में फैसला, दोषी लाल सिंह को 10 साल की सजा,
1 min readधौलपुर राजस्थान।
जिले के डकैती प्रभावित क्षेत्र सरमथुरा थाना इलाके में वर्ष 2008 में हुए डकैत-पुलिस मुठभेड़ मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधीश राकेश गोयल ने आरोपी लाल सिंह (निवासी भभूतिकापुरा) को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।विशिष्ट लोक अभियोजक सतीश शर्मा के अनुसार, यह मामला 18 जुलाई 2008 को तत्कालीन थाना प्रभारी (सीआई) विजय सिंह द्वारा दर्ज कराया गया था। घटना के समय पुलिस टीम शाम करीब 5 बजे कालीतीर-भूरापुरा के जंगलों में चंद्रपुर और खेरेपुरा के बीच गश्त कर रही थी।
पुलिस पर की गई थी फायरिंग।
गश्त के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध हथियारबंद लोग नजर आए। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हुई।
जंगल का फायदा उठाकर फरार हुए थे आरोपी।
मुठभेड़ के बाद सभी आरोपी जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए थे। हालांकि पुलिस ने उनकी पहचान कुख्यात जगन गुर्जर गैंग के सदस्यों के रूप में की थी, जिनमें जगन, रामराज, सारनाम, सुरेश, महेंद्र, लाल सिंह, पप्पू और महावीर शामिल थे।
लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
करीब 18 वर्षों तक चले इस मामले में सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी लाल सिंह को दोषी पाया और सजा सुनाई। इस फैसले को डकैती प्रभावित क्षेत्र में कानून व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्यूरो विजय शर्मा

