अयोध्या राम जन्मभूमि से आगे अब इन 8 स्थलों पर भी चमकेगी रौनक 250 करोड़ के बजट से बदलेगी तस्वीर
1 min readअयोध्या
सरकार ने रामनगरी के समग्र विकास के लिए ताजा बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 150 करोड़ रुपये श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद को दिए जाएंगे, जबकि शेष 100 करोड़ रुपये अन्य विकास कार्यों पर व्यय किए जाएंगे। सरकार की मंशा कम चर्चित लेकिन ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों को विकसित कर उन्हें मुख्यधारा के पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की है।
परिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं के तहत आठ प्रमुख स्थलों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन उन्नयन की तैयारी की गई है। इनमें मीरापुर स्थित बेतिया मंदिर, मणिपर्वत, दशरथ समाधि स्थल के समीप शंकर मंदिर परिसर, तमसा तट का श्री अंजनेश्वर महादेव धाम, आलापुर का श्रीमहर्षि वाल्मीकि आश्रम, कुढ़ासादात का आंबेडकर पार्क, मिल्कीपुर स्थित आस्तीकन गहनाग बाबा स्थल तथा भदरसा की भरत तपोस्थली शामिल हैं। इन स्थानों पर आधारभूत ढांचे का विस्तार, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और सुगम पहुंच मार्ग विकसित किए जाएंगे।
परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयेंद्र कुमार ने बताया कि विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण और विकास कार्य प्रारंभ कराए जाएंगे। उनका कहना है कि इन योजनाओं से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. आशुतोष सिन्हा के अनुसार, तीर्थ पर्यटन में हो रहे निवेश का प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।
माघी पूर्णिमा के बाद श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और होली से पहले नई एसी इलेक्ट्रिक बसों की तैयारी के बीच यह बजट धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अयोध्या की पहचान राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत होने की उम्मीद है।

