February 10, 2026

Awadh Speed News

Just another wordpress site

जिलाधिकारी आवास के पीछे रास्ता अवरुद्ध करने की शिकायत पर प्रशासन सख्त

1 min read
Spread the love

डीएम आवास के पीछे रास्ता अवरुद्ध करने की शिकायत पर प्रशासन सख्त
उप जिलाधिकारी सदर विपिन द्विवेदी व नायब तहसीलदार सदर दुर्गेश यादव ने दिए जांच के आदेश
लेखपाल–कानूनगो को तत्काल मौके पर जाकर रिपोर्ट देने के निर्देश
सुलतानपुर।
डीएम आवास के पीछे स्थित बड़ैयाबीर मोहल्ले में रास्ता अवरुद्ध किए जाने की शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रकरण में उप जिलाधिकारी (सदर) विपिन द्विवेदी के निर्देश पर नायब तहसीलदार सदर दुर्गेश यादव ने संबंधित लेखपाल एवं कानूनगो को तत्काल मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्र के अनुसार, थाना कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत गाटा संख्या 192 व 195 में स्थित भूमि, जो प्रार्थी द्वारा बैनामा के माध्यम से अर्जित बताई गई है, उसके पीछे से जाने वाले रास्ते को कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवरुद्ध कर दिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह गंभीर बीमारी से पीड़ित है और इलाज के लिए बाहर आने-जाने में उसे कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने कहा— तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
उप जिलाधिकारी सदर विपिन द्विवेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर राजस्व अभिलेखों, खतौनी, नक्शा व स्थल निरीक्षण के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाए। यदि जांच में यह पाया जाता है कि कोई सार्वजनिक अथवा अभिलेखीय रास्ता अवैध रूप से अवरुद्ध किया गया है, तो कानून के अनुसार तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नायब तहसीलदार सदर दुर्गेश यादव ने लेखपाल एवं कानूनगो को निर्देश दिए हैं कि वे संयुक्त रूप से मौके पर जाकर पैमाइश करें और रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें, जिससे मामले का समयबद्ध निस्तारण किया जा सके।
इन कानूनों व शासनादेशों के तहत होगी कार्रवाई
प्रकरण में निम्न विधिक प्रावधान प्रभावी होंगे—
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006
धारा 67 — सार्वजनिक भूमि/रास्ते पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016
त्वरित बेदखली, जुर्माना व पुनर्स्थापन का प्रावधान
राज्य शासन के निर्देश
सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करना दंडनीय अपराध
शिकायत पर राजस्व विभाग द्वारा तत्काल जांच अनिवार्य
रिपोर्ट के बाद होगी निर्णायक कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही आवश्यक होने पर अवैध अवरोध हटाने, दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई तथा अन्य विधिक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रास्तों में अवरोध किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *