विद्युत खंभा गिरने से हुई थी मौत, बेवा महिला के हक़ में स्थायी लोक अदालत ने सुनाया फैसला
1 min readविद्युत खंभा गिरने से हुई थी मौत, बेवा महिला के हक़ में स्थायी लोक अदालत ने सुनाया फैसला
पीड़िता को देने होंगे मु0-5,20,000/- रूपये
कोर्ट ने छः प्रतिशत वार्षिक व्याज भी देने के लिए किया आर्डर
सुल्तानपुर
विद्युत खंबा गिरने से हुई मौत के मामले में स्थायी लोक अदालत ने विधवा महिला के हक में आदेश दिया है।15 अगस्त 2018 को हुई मौत के बाद
28-12-2018 को प्रार्थिनी ने मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना एवं सर्वहिता बीमा का आवेदन की थी, किन्तु प्रार्थिनी का उक्त दावा बिलम्ब के कारण बीमा कम्पनी द्वारा प्रार्थिनी को पंजीकृत डाक के माध्यम से वापस कर दिया।
थक हारकर पीड़िता ने पयगीपुर स्थित स्थायी लोक अदालत की शरण ली।अदालत ने पीड़िता के दावा को जाँच किया, और घटना सत्य पाई गयी। न्यायालय से मुख्यमत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की बीमित धनराशि 5,00,000/- रुपये व आर्थिक शारीरिक व मानसिक क्षतिपूर्ति 2,00,000/- रुपये कुल मुबलिग-7,00,000/- (सात लाख) रुपये मय ब्याज विपक्षीगण से दिलाये जाने की याचना कि गयी थी।
धंमौर के भाँटी गांव निवासी पति सोनू की दुर्घटना में दिनांक 15.08.2018 को मृत्यु हो गयी थी. जिसका पंचनामा व पोस्टमार्टम हुआ था। वादिनी शीला द्वारा मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना एवं सर्वहित बीमा योजना का लाभ पाने हेतु दिनांक 28.12.2018 को आवेदन किया गया था। वादिनी का आवेदन देरी से होने के कारण निरस्त कर दिया गया था, परन्तु वाद में जिलाधिकारी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा मियाद के सम्बन्ध में दिये गये विचार रिट याचिका संख्या-15983/20 एक गौतम यादव बनाम सरकार आदि के अनुसार आवेदन समय अन्दर मानते हुए बीमा कम्पनी को भुगतान हेतु निर्देशित किया गया था।परन्तु बीमा कम्पनी द्वारा जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया।
स्थायी लोक अदालत के अध्य्क्ष राधेश्याम यादव ने एवार्ड पारित किया कि विपक्षी नेशनल इन्श्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड याचिनी को मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना एवं सर्वहित बीमा योजना के अन्तर्गत आर्थिक सहायता धनराशि मु० 5,00,000/- पांच लाख रुपये व शारीरिक मानसिक कष्ट के लिए 10,000/- दस हजार रूपये एवं वाद व्यय के लिए गु० 10,000/- दस हजार रूपये एक महीने के अन्दर प्रदान किया जाय। विपक्षी नेशनल इन्श्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड को आदेशित किया जाता है कि ये उपरोक्त आर्थिक सहायता धनराशि मय छः प्रतिशत वार्षिक व्याज, वाद प्रस्तुत करने की तिथि से एक महीने के अन्दर याचिनी शीला देवी को अदा करें। यदि विपक्षी द्वारा उपरोक्त समय से मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना एवं सर्वहित बीमा योजना के अन्तर्गत मिलने वाली क्षतिपूर्ति धनराशि अदा नहीं की जाती है तो याचिनी शीला देवी को यह अधिकार होगा कि वह विपक्षी खर्चे पर निष्पादन वाद प्रस्तुत करके मु0-5,00,000/- रूपये आर्थिक सहायता धनराशि व 10,000/- रूपये शारीरिक मानसिक कष्ट एवं 10,000/-रूपये वाद व्यय, कुल मु0-5,20,000/- रूपये मय छः प्रतिशत वार्षिक व्याज के पीड़िता को प्रदान किया जाए। सदस्य रमेश चन्द्र यादव ,सदस्य मृदुला राय आदि ने पीड़िता के हक में न्याय दिलाने में विशेष योगदान रहा।

