फर्जी जमानत रैकेट का भंडाफोड़, 105 मोहरें बरामद,राजा मानसिंह से जुड़े नेटवर्क का खुलासा
1 min readअयोध्या
अयोध्या पुलिस ने समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत सदस्य राजा मानसिंह से जुड़े बड़े फर्जी जमानत रैकेट का पर्दाफाश किया है। निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पहले से जेल में बंद राजा मानसिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ जांच के दौरान यह नया खुलासा सामने आया। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार कर एक संगठित और अंतरजनपदीय जाल का बड़ा हिस्सा उजागर किया है।
जांच में पाया गया कि राजा मानसिंह के करीबी सहयोगी उपदेश यादव को जमानत दिलाने के लिए पूरी तरह फर्जी जमानत प्रक्रिया तैयार की गई थी। इसके लिए विभिन्न जिलों के न्यायालयों, तहसीलों, थानों और आरटीओ कार्यालयों की कूटरचित मोहरों का इस्तेमाल हुआ। न तो ग्राम प्रधान स्तर पर सत्यापन किया गया और न ही तहसील या थाना स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि कराई गई। फर्जी जमानतदार खड़े किए गए और कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट से जमानत हासिल कर ली गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीओ अयोध्या को सौंपी। इसके बाद थाना पूराकलंदर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में बस्ती जनपद के पाँच आरोपियों—भीम प्रकाश शाही, सर्वेश कुमार, रवीन्द्र पाल, शम्भूनाथ और पवन कुमार—को गिरफ्तार किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन सभी के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
छापेमारी में जो सामग्री बरामद हुई, उसने रैकेट के बड़े पैमाने को उजागर कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 105 फर्जी मोहरें बरामद की हैं, जिनमें थानों, तहसीलों, जिलाधिकारी कार्यालयों और विभिन्न जनपदों के न्यायालयों की मोहरें शामिल हैं। साथ ही 57 फर्जी जमानत सत्यापन रिपोर्ट, 25 हैसियत सत्यापन रिपोर्ट, 169 पासपोर्ट साइज फोटो, कई रजिस्टर, मोबाइल फोन, टैबलेट और बड़ी मात्रा में खाली प्रपत्र भी मिले हैं।
बरामद रजिस्टरों में कई जिलों के मुकदमों, आरोपियों और जमानतदारों के नाम दर्ज हैं, जो इस रैकेट के व्यापक नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। प्रारंभिक जांच में यह नेटवर्क अयोध्या, बस्ती, गोंडा, संतकबीरनगर, अमेठी समेत कई जिलों में सक्रिय पाया गया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से फर्जी जमानत और सत्यापन के माध्यम से आरोपियों को अवैध लाभ पहुंचा रहा था। सूत्र

