जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो, सचिव रेखा यादव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा संयुक्त रूप से जिला कारागृह का किया औचक निरीक्षण
1 min readधौलपुर राजस्थान।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो, सचिव रेखा यादव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा संयुक्त रूप से जिला कारागृह का किया औचक निरीक्षण
जेलों में बंदियों को पर्याप्त पेयजल व स्वच्छता सुविधाओं आदि की बारिकी से ली जानकारी
धौलपुर, 28 जनवरी। राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर पीठ ने जेलों में बंद कैदियों को पर्याप्त पेयजल, वस्त्र धोने हेतु जल, स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई की सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति श्री अनूप कुमार ने स्पष्ट किया कि कैदी भी इंसान हैं और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार है।
न्यायालय ने कहा कि जेलों का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि कैदियों में सुधार और पुनर्वास करना है। अदालत ने माना कि राजस्थान में राजस्थान प्रिजनर्स नियम 2022 और मॉडल प्रिजन्स एक्ट 2023 लागू होने के बावजूद जमीनी स्तर पर इनका समुचित पालन नहीं हो रहा है और कैदियों को अब भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने नालसा द्वारा जारी एसओपी में वर्णित दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित किये जाने के एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
इसी क्रम में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर पीठ के द्वारा पारित आदेशानुसार जिला न्यायाधीश संजीव मागो, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति सिंह मीणा द्वारा संयुक्त रूप से जिला कारागृह का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जेल में बंद विचाराधीन एवं दोषसिद्ध कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही पेयजल, स्वच्छता, वस्त्र धोने हेतु जल, व्यक्तिगत साफ-सफाई एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न बैरकों में जाकर कई कैदियों से निजी रूप से बातचीत की गई। कैदियों से उनकी दैनिक आवश्यकताओं, स्वच्छता, पानी की उपलब्धता, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं अन्य व्यावहारिक समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। हाईकोर्ट के आदेशानुसार बिंदुवार जांच की गई। जेल परिसर में पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध पाई गई, पानी के भंडारण एवं नलों की नियमित सफाई की आवश्यकता पर बल दिया गया। वस्त्र धोने एवं स्नान हेतु जल कैदियों को वस्त्र धोने एवं स्नान हेतु जल की सुविधा उपलब्ध पाई गई, सभी बैरकों में शौचालय एवं स्नानागार उपलब्ध पाए गए। नियमित सफाई की जा रही है, तथापि स्वच्छता के स्तर में और सुधार किए जाने की आवश्यकता है। बैरकों एवं रसोई घर में भी साफ-सफाई की व्यवस्था पाई गई। रसोईघर में भोजन की तैयारी एवं स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक पाई गई। निरीक्षण दौरान जेल में स्थित रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया एवं न्यायाधीशों ने रसोई घर में रोटी बनाने की मशीनों की जांच की एवं खाने की क्वालिटी की भी जांच की। जेल में अस्पताल, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। आवश्यकतानुसार समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। शिकायत निवारण के संबंध में निरीक्षण के दौरान कैदियों को माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार लिखित शिकायत प्रस्तुत करने के अधिकार के बारे में जानकारी दी गई। जेल परिसर में इस संबंध में सूचना प्रदर्शित करने हेतु निर्देशित किया गया।
इस मौके पर स्टेनो राहुल डण्डौतिया, चीफ एलएडीसी अमित कमठान डिप्टी चीफ एलएडीसी पप्पू सिंह गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी दीपक सिकरवार, मीता अग्रवाल, आराधना शर्मा, जेल अधीक्षक सुमन मीणा, जेलर पूरन चंद इत्यादि सहित कारागृह का स्टाफ एवं बंदीजन मौजूद रहे।
।।धौलपुर राजस्थान से विजय शर्मा की रिपोर्ट।।

