पत्रकारों के द्वारा UGC को लेकर उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, यूजीसी फैसलों पर पुनर्विचार की मांग
1 min readमिल्कीपुर अयोध्या

मिल्कीपुर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नीतियों के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक चार सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी को भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महा संगठन ने सौंपा है। संगठन का आरोप है कि यूजीसी की वर्तमान और प्रस्तावित नीतियां देश के उच्च शिक्षा तंत्र, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। महासंगठन ने अपने ज्ञापन में कहा है कि वे शिक्षा, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े विषयों पर सदैव सजग रहे हैं। उनका मानना है कि इन नीतियों से शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समान अवसर की भावना को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है। संगठन ने जोर दिया कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है और इसमें असंतुलित या जल्दबाजी में लिया गया निर्णय दीर्घकालिक नुकसान पहुंचा सकता है। संगठन ने बताया कि यूजीसी के वर्तमान निर्णयों को लेकर देशभर में शिक्षाविदों, छात्रों और सामाजिक संगठनों के बीच गहरी चिंता और असंतोष व्याप्त है भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन के जिला अध्यक्ष बलराम तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि विद्यालयों जैसी संस्थाओं को जाति, धर्म या लिंग के आधार पर छात्रों को बांटने से बचना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जब कोई बालक विद्यालय जाता है, तो वह केवल एक छात्र होता है, वहां कोई जाति, धर्म या लिंग नहीं होता। तिवारी ने इस विषय पर महान शिक्षाविदों और शोध छात्रों से भी राय लेने की आवश्यकता बताई। महासंगठन ने राष्ट्रपति से चार प्रमुख बिंदुओं पर विचार करने का आग्रह किया है। इनमें यूजीसी से संबंधित विवादित नीतियों/प्रस्तावों पर पुनर्विचार करना, शिक्षकों, छात्रों एवं विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श के बाद ही अंतिम निर्णय लेना, उच्च शिक्षा की स्वायत्तता, गुणवत्ता एवं समानता को प्राथमिकता देना, और शिक्षा व्यवस्था को व्यवसायीकरण से मुक्त रखते हुए जनहित में निर्णय सुनिश्चित करना शामिल है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने के नाते इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेंगे और राष्ट्रहित में उचित दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। इस मौके पर वेद प्रकाश तिवारी, नरसिंह, रमा निवास पांडेय,विनय गुप्ता, देवराज मिश्र, राहुल , सूरज कौशल, उमाशंकर तिवारी, सुनील तिवारी, राकेश मिश्रा, दिनेश जायसवाल, शिव कुमार पाण्डेय, सर्वेश पाण्डेय, सुनील दुबे, अधिवक्ता अमित कुमार मिश्र सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
