मुख्यमंत्री के द्वारा उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा और औद्योगिक विकास परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा
1 min readलखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने रविवार देर शाम एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा और औद्योगिक विकास परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी मेगा प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी) का निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 12 जनपदों को जोड़ने वाली यह परियोजना औद्योगिक, कृषि एवं लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को नई गति देगी। वे-साइड सुविधाएं, रोड सेफ्टी, साइनेज तथा आधुनिक गुणवत्ता परीक्षण मानकों को सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के फेज-3 हेतु भूमि अधिग्रहण आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। यह परियोजना प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी, एयर कार्गो, निवेश और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनेगी।
मुख्यमंत्री जी ने मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) की समीक्षा करते हुए कहा कि इससे अमरोहा, मुरादाबाद और संभल में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी तथा किसानों की आय सुदृढ़ होगी। उन्होंने एरच सिंचाई परियोजना के लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संरक्षण, सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति को स्थायित्व मिलेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रिहंद-ओबरा पंप स्टोरेज जल विद्युत परियोजनाएं प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग को मजबूत करेंगी। ग्रेटर नोएडा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति तेज करने तथा भारत सरकार से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश मैन्युफैक्चरिंग व सप्लाई-चेन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री जी ने ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल योजना’ की समीक्षा करते हुए 75 जनपदों में 150 आधुनिक विद्यालयों की स्थापना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। डिजिटल लर्निंग, प्रयोगशालाएं, खेल एवं सह-शैक्षिक सुविधाओं से युक्त यह पहल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-सिद्धार्थनगर रेल लाइन परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। नई रेल लाइन सीमावर्ती व आकांक्षात्मक जनपदों को कनेक्टिविटी प्रदान कर क्षेत्रीय विकास को गति देगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि समय पर गुणवत्तापूर्ण और जन-उपयोगी परियोजनाओं को धरातल पर उतारना है। सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
