सवर्ण आर्मी के नेतृत्व में मोहम्मद अली आवाज बुलंद करने व मदद करने किया एक छोटा सा प्रयास
1 min readसैफई महोत्सव में हंसती हुई ज़िन्दगी में दुःखों का टूटा पहाड़ खेत खलिहान मां बाप अपनी जिंदगी की सारी कमाई लगा दिया मोहम्मद अली की दवाई में
सवर्ण आर्मी के नेतृत्व में मोहम्मद अली आवाज बुलंद करने व मद्दत करने किया एक छोटा सा प्रयास
सुलतानपुर
मामला सुल्तानपुर जिले के अंतर्गत थाना गोसाईगंज के बड़ेगांव सुरौली के रहने वाले मोहम्मद अली पुत्र रउफ से जुड़ा हुआ है। जहां की रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पिता लालू यादव के द्वारा सफाई महोत्सव सफाई महोत्सव मनाया जा रहा था उसे दौरान मोहम्मद अली की ड्यूटी उनके घर पर लगा दी जाती है और बड़े हाल के दूसरे मंजिल पर एक बड़ा सा लोहे का होर्डिंग लगवाया जाना था जिसको लगाने के लिए तीन मजदूर लगे ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्टेज की लाइन की चपेट में आते ही दो मजदूर फुटबॉल की तरीका ब्लास्ट कर गए और मोहम्मद अली दूसरी छत से सीधे जमीन पर गिर पड़े जमीन पर गिरते ही आंख और नाक से खून कान का पर्दा भी फट गया बहने लगा लोग देखें तुरंत मोहम्मद अली को उठाकर अस्पताल ले जाने की तैयारी की और उसके बाद मोहम्मद अली बेहोश हो गए और बेहोशी की हालत में एक साल तक आईसीयू में भर्ती रहे तब जाकर उनको होश आया और मोहम्मद अली को पुरस्कृत कर नौकरी पर रखने की बात कही लेकिन जहां पर रखने के लिए कहा गया था वहां पर अधिकारियों ने कहा कि अपने घर चले जाओ और तुम्हें बार-बार चक्कर आ रहा है बेहोश हो रहे हो कल को कोई घटना घट जाएगी तो यह आप हमारे ऊपर लगेगा उसके बाद उन्होंने वहां से निकाल दिया और फिर उसके बाद मोहम्मद अली को 15 लाख ₹5000 देने का वादा किया गया था जिसको अभी आज तक नहीं दिया गया वहीं इसी मामले को लेकर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के द्वारा भी निर्देशित किया गया है की अखिलेश यादव के द्वारा यह धनराशि मोहम्मद अली को दिया जाए वही मोहम्मद अली का एक सीमित परिवार है कर जमीन जो भी था मोहम्मद अली की मां-बाप ने अपनी जमीन को बेचकर उनका इलाज कराया है अब केवल मोहम्मद अली के पास रहने के लिए केवल छप्परों का मकान बचा हुआ है। और कुछ भी नहीं बचा आइए सुन मोहम्मद अली की जुबानी और क्या-क्या घटनाएं हुई।


