पुलिस और वन विभाग की ‘शह’ पर हरे-भरे आम के पेड़ों पर चला आरा, 4 पेड़ कटे
1 min readअखण्डनगर पुलिस और वन विभाग की ‘शह’ पर हरे-भरे आम के पेड़ों पर चला आरा, 4 पेड़ कटे
अखण्डनगर/सुल्तानपुर
ग्राम मौना मामले में ग्रामीणों ने हल्का सिपाही राकेश राजपूत और वन विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत का लगाया आरोप
स्थानीय थाना अखंड नगर के ग्राम मौना में लकड़ी माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें कानून का भी खौफ नहीं रहा। आरोप है कि स्थानीय पुलिस और वन विभाग की कथित मिलीभगत से गांव में हरे आम के 4 आम के पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया।
मौके से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे भारी मात्रा में कटी हुई लकड़ियां जमीन पर बिखरी पड़ी हैं और उन्हें ठिकाने लगाने की तैयारी चल रही है।
जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस अवैध कटान में हल्का सिपाही राकेश राजपूत और वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की संलिप्तता बताई जा रही है। ग्रामीणों का दबी जुबान में कहना है कि जिम्मेदारों के संरक्षण (शह) के कारण ही लकड़हारे बिना किसी परमिट और डर के हरे पेड़ों पर आरा चला रहे हैं। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो पर्यावरण की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
सवालों के घेरे में विभाग जहां एक तरफ सरकार पर्यावरण बचाने के लिए हर साल लाखों रुपये पौधरोपण पर खर्च कर रही है, वहीं अखंड नगर क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से जारी है। 4 पेड़ों की यह कटाई न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पुलिस और वन विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
कार्रवाई की मांग इस घटना से पर्यावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन और डीएफओ (DFO) से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, दोषी कर्मचारियों और लकड़ी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है ताकि भविष्य में हरे पेड़ों की बलि न चढ़े।

