अचलेश्वर महादेव मंदिर में गूंजी कृष्ण भक्ति, कंस वध प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
1 min readधौलपुर राजस्थान।
धौलपुर।
चम्बल पुल के समीप स्थित प्राचीन अचलेश्वर महादेव जी मन्दिर परिसर में श्री बाबा सेवकदास जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा कथा व्यास पं. अशोक दत्त सैंथिया जी महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से भक्ति की सरिता बहाई।
छठे दिन की कथा में मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कंस वध का प्रसंग रहा। महाराज श्री ने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब परमात्मा अवतार लेकर दुष्टों का संहार करते हैं। कंस वध केवल एक अत्याचारी की मृत्यु नहीं, बल्कि अहंकार और बुराई पर सत्य की जीत का प्रतीक है।
व्यास पीठ से अशोक दत्त सैंथिया महाराज जी ने समाज को धर्म की जड़ों से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि— “हमारे हिन्दू धर्म और संस्कृति में प्रत्येक व्यक्ति का यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार होना अनिवार्य है।” उन्होंने इसे आत्म-अनुशासन और पवित्रता का आधार बताया।
कथा के दौरान उद्धव-गोपी संवाद और भ्रमर गीत के प्रसंग ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। गोपियों की निस्वार्थ भक्ति और श्रीकृष्ण के प्रति उनके विरह वर्णन को सुनकर पाण्डाल में मौजूद कई श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं। भक्ति संगीत पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस अवसर पर महंत मनोज दास बाबा ने कहा कि 7 तारीख को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के इस अवसर पर आचार्य दिनेश शर्मा ने सुंदर-सुंदर भजन गाए और इन भजनों पर श्रोता गण खूब झूमे। कथा के इस मौके पर पंडित अरुण कांत लबानिया, संतोष सिंघल, जगदीश दास, रामविलास पुजारी और बड़ी दूर-दूर से आए श्रोतागण एवं साधु संत उपस्थित रहे।
ब्यूरो विजय शर्मा

