हलधरमऊ सीएचसी में मनमानी और भ्रष्टाचार चरम पर,आला अधिकारी मौन
1 min readतबादला आदेश बेअसर, वर्षों से जमे अधीक्षक की निरंकुश कार्यशैली पर सवाल
गोण्डा।
जनपद के हलधरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अव्यवस्था, घोर लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार का मामला लगातार गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि उच्चाधिकारियों के निर्देश भी यहां बेअसर नजर आ रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह बेलगाम हैं। सीएचसी में तैनात अधीक्षक एस.पी. वर्मा पर आरोप है कि वे पिछले 16 वर्षों से यहां तैनात होने के साथ ही 12 वर्षों से अधीक्षक पद पर जमे हुए हैं, जबकि नियमानुसार समय-समय पर तबादला होना चाहिए। बताया जा रहा है कि डेढ़ वर्ष पूर्व उनका तबादला बभनजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए किया गया था, बावजूद इसके आज तक उन्होंने हलधरमऊ सीएचसी का कार्यभार नहीं छोड़ा। स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि अधीक्षक की कुर्सी अक्सर खाली रहती है। अस्पताल आने वाले मरीज घंटों इंतजार करते रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहते हैं। इससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी में इलाज की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। रेबीज इंजेक्शन सहित कई आवश्यक उपचार सुविधाओं के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है,जिससे गरीब और ग्रामीण मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इतना ही नहीं, सीएचसी से जुड़ी कई एम्बुलेंस वर्षों से खराब पड़ी हैं, लेकिन कागजों में उन्हें चालू दिखाया जा रहा है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस न मिलने से मरीजों की जान पर भी खतरा मंडराता रहता है। सीएचसी परिसर के बगल में बनाए जा रहे रैन-बसेरा का निर्माण भी लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। निर्माण में अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोप लग रहे हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सीएमओ के आदेशों का भी कोई असर नहीं दिख रहा। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या हलधरमऊ सीएचसी किसी की निजी जागीर बन चुका है? और कब जागेगा स्वास्थ्य विभाग, कब होगी जिम्मेदारों पर कार्रवाई?

