February 11, 2026

Awadh Speed News

Just another wordpress site

अभिमान का त्याग ही ईश्वर प्राप्ति का मार्ग, छोटा बनकर रहने में ही बड़प्पन :- योगेश कृष्ण महाराज

1 min read
Spread the love

धौलपुर राजस्थान।


अभिमान का त्याग ही ईश्वर प्राप्ति का मार्ग, छोटा बनकर रहने में ही बड़प्पन: कथा व्यास योगेश कृष्ण महाराज
धौलपुर, पैलेस रोड शहर के ऐतिहासिक श्री राधा बिहारी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आज श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा पंडाल में गूंजते संगीतमय भजनों और प्रभु की दिव्य लीलाओं के जीवंत वर्णन से संपूर्ण वातावरण वैकुंठ धाम के समान भक्तिमय हो गया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ रही है, श्रद्धालुओं की संख्या और उनका उत्साह चरम पर पहुंच रहा है।
अधर्म का नाश और प्रह्लाद की भक्ति
कथा के चतुर्थ दिवस पर व्यास पीठ से व्यास जी ने असुरराज हिरण्यकश्यप के अहंकार और बालक भक्त प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा का मार्मिक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य के विनाश का द्वार है, जबकि अटूट विश्वास पत्थर से भी परमात्मा को प्रकट कर देता है। भगवान नृसिंह द्वारा खंभे को फाड़कर प्रकट होने और अधर्म का नाश करने के प्रसंग ने भक्तों को रोमांचित कर दिया। झांकी के माध्यम से जब इस दृश्य का मंचन हुआ, तो पूरा पंडाल ‘जय श्री नृसिंह’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
लोक कल्याण हेतु नीलकंठ बने महादेव
व्यास जी ने समुद्र मंथन के आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जीवन में जब भी अमृत (सुख) की अभिलाषा होती है, तो पहले विष (कठिनाइयों) का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोक कल्याण के लिए महादेव ने विष को अपने कंठ में धारण किया, जिससे वे ‘नीलकंठ’ कहलाए। इसके माध्यम से समाज को परोपकार और सहनशीलता का संदेश दिया गया।
अवतार महिमा और विनम्रता का संदेश
कथा के दौरान भगवान के वामन अवतार, राम अवतार और कृष्ण जन्म के पूर्व की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यास जी ने एक महत्वपूर्ण जीवन दर्शन साझा किया:
“मनुष्य को जीवन में कभी भी पद, प्रतिष्ठा या धन का अभिमान (घमंड) नहीं करना चाहिए। जिस प्रकार फल से लदा हुआ वृक्ष झुक जाता है, उसी प्रकार ज्ञानी व्यक्ति विनम्र होता है। संसार में हमेशा छोटा बनकर रहने में ही बड़प्पन है, क्योंकि विनम्रता के हृदय में ही ईश्वर का वास होता है।”
भावुक हुए श्रद्धालु, भजनों पर झूमे भक्त। राजा परीक्षित को शुकदेव जी द्वारा सुनाई गई मोक्ष की कथा के दौरान जब संसार की नश्वरता और भक्ति की शक्ति पर चर्चा हुई, तो उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो उठे। कथा व्यास जी ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म का सारांश भी विधिवत बताया कि क्यों भगवान श्री कृष्ण का पृथ्वी पर अवतार हुआ और उन्होंने किस तरह दुष्ट राक्षसों का वध किया। कथा के अंत में हुई भव्य आरती और विशेष भजनों पर श्रद्धालु स्वयं को रोक नहीं पाए और देर शाम तक झूमते-गाते रहे। पैलेस रोड स्थित मंदिर परिसर का कोना-कोना आज ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। संगीतमय श्री मद भागवत कथा के इस अवसर पर धौलपुर भक्त मंडल समिति के सदस्य संगीता गुप्ता, रेखा शर्मा, विजय शर्मा, भोला गुप्ता, सुनील जगरिया, उपेंद्र दीक्षित, रामकिशोर पाठक, राजेंद्र राणा, मनोज चौहान, मीरा चौहान, नीलम शर्मा, गीता ठाकुर, ललिता गुर्जर, हेमलता, अभिषेक, किशन यादव और साधु संत सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।

ब्यूरो विजय शर्मा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *