मंदिर सौंदर्यीकरण के नाम पर गरीबों को उजाड़ने का आरोप, पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
1 min readकर्नलगंज, गोण्डा।
तहसील क्षेत्र के ग्राम सोनवार में स्थित श्री बालाजी मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां के निवासी और पीड़ित दुर्गा प्रसाद ने आरोप लगाया है कि मंदिर विकास के नाम पर ग्राम प्रधान ने गरीब, बेसहारा और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को जबरन बेघर करा दिया। पीड़ित के अनुसार, यह कार्रवाई विकास कार्य नहीं बल्कि चुनावी रंजिश का परिणाम है। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान ने व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते मंदिर के सौंदर्यीकरण का बहाना बनाकर कई गरीब परिवारों के घर तोड़वा दिए, जिससे लोग सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था और बिना किसी पूर्व सूचना के घरों को हटाया गया,जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें दोबारा बसाया जाए और उनके साथ हुए अन्याय की निष्पक्ष जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर परिसर का सौंदर्यकरण वर्षों से लंबित था, लेकिन अब इसे राजनीतिक उद्देश्य साधने का साधन बनाया जा रहा है। वहीं,प्रशासनिक स्तर पर मामला सामने आने के बाद जांच की तैयारी की जा रही है। पीड़ित दुर्गा प्रसाद शुक्ल ने कहा— “हम गरीब लोग हैं, हमारे पास रहने के लिए और कहीं जगह नहीं है। विकास के नाम पर हमें चुनावी रंजिश में उजाड़ दिया गया। प्रशासन हमारी मदद करे।” स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में विकास कार्यों की आड़ में किसी भी गरीब परिवार के साथ अन्याय न हो सके।

