पांच बच्चों की मां को चढ़ा प्यार का परवाना, अपने बेटे की उम्र के लड़के से हुआ प्यार मंदिर में रचाई शादी
1 min readपांच बच्चों की मां ने बेटे की उम्र के युवक से की शादी, भावुक हुआ पति बोला- जब नहीं रहना चाहती तो क्या कर सकता हूं
अंबेडकरनगर

अंबेडकरनगर जिले में प्यार अंधा होता है कहावत को सच साबित कर दिया है।समाज और उम्र की सभी रूढ़िवादी दीवारों को भी तोड़ दिया है।जहांगीरगंज के हुसेनपुर खुर्द गांव की पांच बच्चों की मां ने अपने बेटे की उम्र के युवक से शादी कर ली।इस दौरान महिला का पति का भी मौजूद था।पत्नी को इस उम्र में छोड़ते देखकर वह भावुक हो गया।बोला जब वह मेरे साथ नहीं रहना चाहती तो क्या कर सकता हूं।इस अनोखी शादी को लेकर पूरे इलाके में जबरदस्त चर्चा है।लोग कह रहे हैं कि इस प्यार को क्या नाम दूं।
कबाड़ खरीदते समय प्यार चढ़ा परवान
बताया जाता है कि हुसेनपुर खुर्द गांव का निखिल देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र में फेरी लगाकर कबाड़ खरीदता था। इसी दौरान निखिल की मुलाकात मुन्नी देवी से हुई। मुन्नी पहले से पांच बच्चों की मां थी। दोनों की लगातार मुलाकात ने जल्द ही एक गहरे प्रेम संबंध का रूप ले लिया। हैरानी वाली बात यह थी कि निखिल की उम्र मुन्नी देवी के सबसे बड़े बेटे की उम्र के लगभग बराबर है।इसके बाद भी दोनों ने उम्र के भारी अंतर और सामाजिक लोक-लाज की परवाह न करते हुए एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।
पति के सामने मंदिर में की शादी
जब यह प्रेम कहानी मुन्नी देवी के परिवार और पति के सामने आई, घर-परिवार में भारी हंगामा हुआ और सामाजिक दबाव भी बना।मुन्नी देवी पर अपने रिश्ते को तोड़ने का दबाव डाला गया,लेकिन मुन्नी अपने फैसले पर अडिग रहीं। मुन्नी ने स्पष्ट कर दिया कि वह निखिल के साथ ही अपना शेष जीवन बिताना चाहती हैं।मुन्नी के इस अटूट निश्चय के बाद दोनों ने आलापुर थाना क्षेत्र के एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। इस शादी का सबसे असाधारण पहलू यह था कि इस दौरान मुन्नी का पहला पति भी मौके पर मौजूद था।मुन्नी के पति ने भारी मन से ही सही, लेकिन इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया।पति ने कहा कि जब वह मेरे साथ नहीं रहना चाहती है तो जबरदस्ती उसे रखा नहीं जा सकता।
बता दें कि मुन्नी देवी की शादी कई साल पहले हुआ थी। मुन्नी पांच बच्चों की मां है।इसके बाद भी मुन्नी ने अपने दिल की सुनी और निखिल के साथ नए जीवन की शुरुआत की।यह शादी दर्शाती है कि प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव उम्र, परिवार या सामाजिक बंधनों से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
