उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ बांदा ने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के भूतलक्षी प्रभाव के संदर्भ में प्रधानमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन सांसद महोदया जी को सौंपा
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जनपद में उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ बांदा ने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के भूतलक्षी प्रभाव के संदर्भ में प्रधानमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन सांसद महोदया जी को सौंपा
माननीय उच्चतम न्यायालय के अंजुमन इरशाद ए तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य (2025 INSC 1063) निर्णय दिनांक 1 सितंबर 2025 के भूत लक्ष्मी प्रभाव से 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालय में कार्य शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने के संदर्भ में आज उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ बांदा जिलाध्यक्ष सुधा सिंह राजपूत के नेतृत्व में माननीय प्रधानमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन सांसद महोदया श्रीमती कृष्णा पटेल जी को उनके कार्यालय बबेरू में सौंपा
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 को पारित निर्णय दिनांक 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षा में नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी उत्तीर्ण करने का भूतलक्षी निर्देश दिया है यह प्रावधान निर्देश भूतलक्षी प्रभाव लिए हुए हैं जबकि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद एनसीटी ई ने टीईटी को जुलाई 2011 से अनिवार्य किया था शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 उत्तर प्रदेश में दिनांक 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ था अतः उसे पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों की अर्हता में टीईटी का कोई उल्लेख नहीं था इस निर्णय से उत्तर प्रदेश सहित देश भर में लाखों बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अनुभवी शिक्षक प्रभावित हुए हैं विधि शास्त्र के सिद्धांतानुसार कोई निर्णय भूतलक्षी नहीं होना चाहिए यह वैधानिक नियमों के विरुद्ध है विगत 25 -30 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को दो वर्ष में परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से शिक्षकों में मानसिक तनाव व शिक्षा व्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है अस्तु सादर अनुरोध है कि दिनांक 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों को टीईटी परीक्षा की बाध्यता से मुक्त करने हेतु केंद्र सरकार की ओर से संसदीय संशोधन के माध्यम से कार्यवाही सुनिश्चित करने की कृपा करें जिससे शिक्षक मानसिक तनाव से मुक्त होकर राष्ट्र निर्माण एवं शिक्षण कार्य को पूर्ण समर्थन के साथ अपने दायित्व का निर्वहन कर सकें।
ज्ञापन देने में सुधा सिंह राजपूत,सावन कुमारी भारती, दीपा, रानी देवी सिंगरौल, सुनीता देवी, सुशील जी, अंजुम, वंदना,ज्योति, रोशनी,अंजलि
दीपा, कमला, शाहीन, मीरा रविकुल, रंजना , अंजना, नम्रता, नेहा आदि शिक्षिकाएं मौजूद रही

