कर्नलगंज कस्बे मे चिकवा-क़साई राज,जगह जगह खुली मीट, मछली व अंडे की दुकान,गंदगी व दुर्गंध की समस्या से लोगों को हो रही परेशानी
1 min readगोंडा
कर्नलगंज कस्बे मे चिकवा-क़साई राज,जगह जगह खुली मीट, मछली व अंडे की दुकानें।
गंदगी व दुर्गंध की समस्या से आवागमन दूभर।
कंपोजिट विद्यालय बालकरामपुरवा, गायत्री मंदिर के पास,सकरौरा चौराहा, सुक्खा पुरवा के पास समेत कस्बे के तमाम स्थानों पर अवैध रूप से संचालित हो रही मीट, मछली की दुकानें।
जनहित में दुकान को हटाये जाने व समस्या से निजात दिलाने की हुई मांग।
शासनादेश के मुताबिक विद्यालय, धार्मिक स्थलों, आबादी क्षेत्र सहित सार्वजनिक स्थलों के पास मीट, मछली व अंडे की दुकानों को खोलने पर है सख्त प्रतिबंध।
शासन व जिला प्रशासन के आदेश दरकिनार, उड़ाई जा रही धज्जियां।
कर्नलगंज में प्रशासन फेल! जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठ रहे गंभीर सवाल।
नियमों को दरकिनार कर अवैध मीट दुकानदारों का बोलबाला, जनता हलकान।
विद्यालय व मंदिरों के पास खुली मीट-मछली की दुकानें- शासनादेश की धज्जियां उड़ाते क़साई!
गंदगी और दुर्गंध का कहर —अवैध दुकानों पर कार्रवाई शून्य, जिम्मेदार मौन!
स्थानीय लोगों में रोष — कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी।
बच्चों के स्वास्थ्य व धार्मिक आस्थाओं को खतरा।
बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।
अवैध मीट दुकानें = प्रशासन व की नाकामी!
स्कूलों और मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों के पास खुले दुकानें।
दुर्गंध से जनता बेहाल,शासन प्रतिबंध के बावजूद जारी कारोबार।
सवाल — आखिर किसका संरक्षण?
“कर्नलगंज में कानून का नहीं, बल्कि क़साइयों का राज चल रहा है… नियम हवा में, और अवैध मीट दुकानें जमीनी हकीकत बन चुकी हैं…!”
“जहाँ बच्चे पढ़ते हैं, जहाँ श्रद्धालु पूजा करते हैं, वहीं कुछ गज की दूरी पर कत्ल, मांस और दुर्गंध—क्या यही है स्वच्छता, क्या यही है कानून।
महादेव मौर्या

