बुंदेलखंडी लोककला ने बाँधा समां, गंगेश्वर महादेव मंदिर में गूँजा दीवारी नृत्य
1 min readबुंदेलखंडी लोककला ने बाँधा समां, गंगेश्वर महादेव मंदिर में गूँजा दीवारी नृत्य
अवस्थी परिवार ने किया लोक कलाकारों का सम्मान, नववधू प्रीती द्विवेदी अवस्थी को समर्पित रहा कार्यक्रम
महुआ बाँदा
ग्राम महुआ में बुधवार की शाम गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर बुंदेलखंडी लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर हो उठा। अवसर था — स्वर्गीय श्री गंगा प्रसाद अवस्थी और स्वर्गीय श्री गोविंद प्रसाद अवस्थी की याद स्मृति में आयोजित दीवारी नृत्य कार्यक्रम का।
गुनिया यादव और जग्गू यादव के नेतृत्व में कलाकारों ने जब नगाड़ों की थाप पर दीवारी नृत्य प्रस्तुत किया तो समूचा वातावरण भक्तिभाव और लोक उल्लास से गूँज उठा। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में आक्सीजन बाबा रामकृष्ण अवस्थी एवं गिरजाशंकर अवस्थी (पत्रकार) की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की।
प्रदीप कुमार अवस्थी, वरिष्ठ सहायक, जनपद न्यायालय बाँदा,
अभिषेक कुमार अवस्थी, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय प्रयागराज,
तथा शिवा अवस्थी ने कलाकारों का सम्मान किया।
नववधू का स्वागत बना यह सांस्कृतिक उत्सव
यह कार्यक्रम अवस्थी परिवार की नववधू श्रीमती प्रीती द्विवेदी अवस्थी (नलकूप ऑपरेटर, सिंचाई विभाग, बाँदा) के स्वागत में विशेष रूप से समर्पित रहा।
ग्रामवासी और अतिथि सभी ने प्रीती अवस्थी के माता-पिता श्री लखनलाल द्विवेदी (जारी वाले) की प्रशंसा करते हुए कहा कि —
“आज के समय में जब आधुनिकता संस्कारों को पीछे छोड़ रही है, ऐसे में लखनलाल द्विवेदी जैसे माता-पिता अपनी बेटी को जो संस्कार दे रहे हैं, वे समाज के लिए मिसाल हैं।”
संस्कारों और संस्कृति की परंपरा जीवित रहे — आक्सीजन बाबा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आक्सीजन बाबा रामकृष्ण अवस्थी ने कहा
“दीवारी नृत्य हमारी मिट्टी की आत्मा है। जब तक गाँवों में लोककला की यह थाप गूँजती रहेगी, बुंदेलखंड की आत्मा अमर रहेगी।”
समापन पर गिरजाशंकर अवस्थी ने संचालन किया और प्रदीप अवस्थी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
दीपों की उजास, नगाड़ों की थाप और लोकगीतों की मिठास के बीच महुआ का गंगेश्वर महादेव मंदिर लोकसंस्कृति की गवाही देता रहा।

