वन एवं वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम किए जायेगे आयोजित
1 min readसभी वर्गों में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम किए जायेगे आयोजित
2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह का किया जा रहा आयोजन
धौलपुर, राजस्थान
उप वन संरक्षक (वन्यजीव) राष्ट्रीय चम्बल घडियाल अभयारण्य कर्यालय की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 2 से 8 अक्टुबर के दौरान वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष का विषय ह्यूमन-एनिमल कोएक्सिस्टेंस मानव वन्यजीव सहअस्तित्व निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वन्यप्राणी सप्ताह का शुभारंभ वन्यजीवों के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढाने हेतु राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल के विद्यार्थियों को देवरी स्थित घड़ियाल प्रजनन केंद्र में स्वैच्छिक भ्रमण से किया गया। उप वन संरक्षक डॉ आशीष व्यास एवं राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल के प्रधानाध्यापक अमित शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर बच्चों की बस को केसरबाग वन्यजीव अभ्यारण्य से रवाना किया गया। देवरी स्थित घड़ियाल प्रजनन केंद्र में ज्योति दंडोतिया ने बच्चों को घड़ियाल और चंबल पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान केंद्र स्थित घड़ियालों एवं कछुओं को नजदीक से निहारा एवं इनके बारे में जानकारी प्राप्त की।
इसके साथ-साथ रेंज वन्यजीव चंबल धौलपुर अंतर्गत नाका सागरपाड़ा पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके अंतर्गत स्थानीय बच्चों एवं युवाओं को वन एवं वन्यजीव के महत्व के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में उप वन संरक्षक आशीष व्यास द्वारा युवाओं को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की सम्भावनाओ को बताते हुए युवाओं को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने हेतु प्रेरित किया। क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक मीणा द्वारा वन्यजीवों के बारे में रोचक जानकारी देते हुए राष्ट्रीय चम्बल घडियाल अभयारण्य में वन्यजीव प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग की जानकारी दी। राजीव तोमर पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक ने स्थानीय लोगों को चंबल प्रहरी के रूप में कार्य करने हेतु मोटिवेट किया। साथ ही 2 अक्टुबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत चम्बल नदी पर स्थित राजघाट पर फील्ड स्टाफ और स्थानीय समुदाय द्वारा सफाई कार्य में श्रमदान दे कर वन्यजीवों के आवास को स्वच्छ रखने एवं जिम्मेदार पर्यटन का सन्देश दिया।
नवगठित टाइगर रिजर्व एवं जिले के प्रमुख अभ्यारण्य जैसे केसरबाग, रामसागर, वनविहार क्षेत्र में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला, क्विज, निबंध लेखन प्रतियोगिताएं होंगी। विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने के लिए जंगल ट्रैकिंग एवं बर्ड वाचिंग का आयोजन भी किया जाएगा। ग्रामीण समुदायों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से मानव वन्यजीव सहअस्तित्व का संदेश दिया जाएगा। साथ ही फील्ड स्टाफ की क्षमता विकास कार्यशालाएं आयोजित कर संरक्षण कार्यों को और सुदृढ़ बनाया जाएगा।
वन विभाग का उद्देश्य है कि 2 से 8 अक्टूबर तक चलने वाले इस वन्य जीव सप्ताह के माध्यम से बच्चों, ग्रामीणों, पर्यटकों और आमजन में यह व्यापक संदेश पहुंचे कि मानव और वन्यजीव सहअस्तित्व की भावना से ही एक सुरक्षित और संतुलित भविष्य का निर्माण संभव है।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो राजस्थान

