प्राथमिक विद्यालय खुरहंड मे औचक पर्यवेक्षण दौरान दिखी व्यवस्था,आक्सीजन बाबा की नम हुईं आँखें
1 min readखुरहंड बांदा
खाद्य एवं रसद विभाग से सप्लाई इंस्पेक्टर प्रशान्त कुमार सिंह ने आज सोमवार को औचक पर्यवेक्षण कर प्राथमिक विद्यालय खुरहंड का जायजा लिया। पर्यवेक्षण के दौरान उन्होंने प्रधानाध्यापिका अफसाना परवीन से अभिलेखीय जानकारी,व कायाकल्प, रसोइया मानदेय ,कंपोजिट ग्रान्ट,डीबीटी आदि से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा कक्षा-कक्षों में जाकर बच्चों से संवाद स्थापित किया और बच्चों को खुद पढाया, उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर सहायक अध्यापिका/सहायक अध्यापक रूचि पुरवार, जयकिशोर यादव एवं शशांक प्रजापति कक्षा-कक्षों में शिक्षण कार्य करते हुए पाए गए। पर्यवेक्षण के उपरांत श्री सिंह ने विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था की सराहना की।
सिंह जी ने कहा कि—
“खंड शिक्षा अधिकारी श्री विनोद कुमार पटेरिया जी की कार्यशैली व मार्गदर्शन के कारण ही विद्यालयों में शिक्षा का वातावरण निरंतर बेहतर हो रहा है। उनकी सक्रियता और सहयोग से शिक्षकगण प्रेरित रहते हैं।”
प्रधानाध्यापिका की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा—
“अफसाना परवीन जी विद्यालय की शैक्षिक और अभिलेखीय व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से संभाल रही हैं। इनके नेतृत्व में विद्यालय अनुशासित और सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।”
विद्यालय में उस समय भावुक वातावरण देखने को मिला, जब शिक्षा मित्र आक्सीजन बाबा रामकृष्ण अवस्थी का कार्यकाल अधिवर्षता आयु 60 वर्ष पूर्ण होने पर संविदा समाप्त हुआ। बच्चों की अपने गुरुजी से गहरे लगाव के चलते बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ नवरात्रि भोजन में न जाकर विद्यालय पहुँचे। 149 नामांकित बच्चों में से 130 ने उपस्थिति दर्ज कराई। बच्चे अपने गुरुजी के अंतिम दिन विद्यालय में रहकर उनसे मिलने को उत्सुक दिखे।
विदाई अवसर पर बच्चों ने कहा—
“गुरुजी, आपने हमें सिर्फ किताबों का ज्ञान ही नहीं दिया बल्कि जीवन जीने की राह भी बताई है। आपके बिना विद्यालय सूना लगेगा।”
प्रधानाध्यापिका अफसाना परवीन ने अपने संबोधन में कहा—
“अवस्थी जी ने विद्यालय को अपने व्यक्तिगत अभियान और नवाचारों से हमेशा समृद्ध किया है। उनकी सेवाएँ बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”
सप्लाई इंस्पेक्टर प्रशान्त कुमार सिंह ने भी श्री अवस्थी जी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि “गुरुजी की कार्यशैली अनुकरणीय है, वे जिस समर्पण और निष्ठा से शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रहे, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण रहेगा।”
इस अवसर पर आशीष तिवारी जी सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

