एंटी करप्शन टीम ने विधुत विभाग के लाइनमैन लोकेश मीणा को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार
1 min read4 हजार रुपए की रिश्वत लेते विद्युत निगम का लाइनमैन को रंगे हाथ पकड़ा
मीटर बदलने के एवज में मांगी थी रिश्वत
बसेड़ी।

नगरपालिका बसेड़ी परिसर में आज बुधवार को करौली एसीबी द्वारा एक बड़ी कार्रवाई की गई है। जिसमें विद्युत निगम बसेड़ी के लाइनमेन लोकेश मीणा को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रँगे हाथ गिरफ्तार किया है।
करौली एसीबी के डीएसपी जगदीश भारद्वाज ने बताया कि 11 सितम्बर को बसेड़ी के नयावास फीडर के एक उपभोक्ता ने परिवाद दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि उसके पिताजी के नाम पर घरेलू मीटर है। जिसमें विद्युत रीडिंग अधिक है। लेकिन नयावास फीडर लाइनमेन लोकेश मीणा द्वारा बिल कम निकाला जा रहा है। जिस पर परिवादी ने लाइनमेन से बिल व रीडिंग को सही करने को कहा तो लाइनमेन द्वारा मीटर बदल कर रीडिंग जीरो करने को कहा। जिसके एवज में लाइनमेन लोकेश मीणा द्वारा परिवादी से 6 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। जिस पर 4 हजार रुपये में सौदा तय हो गया। इसके बाद एसीबी टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन किया गया। जिसके बाद बुधवार को दोपहर करीब एक बजे एसीबी ने लाइनमेन लोकेश मीणा को नगर पालिका परिसर में 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
नगर पालिका में आयोजित शिविर के दौरान हुई कार्रवाई
आपको बता दें कि नगरपालिका में आज बुधवार से सेवा शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिसमें लाइनमेन लोकेश मीणा भी उपस्थित था। इसी बीच परिवादी द्वारा लोकेश मीणा को फोन कर रिश्वत की राशि देने को कहा। जिस पर लोकेश मीणा ने परिवादी को नगर पालिका कार्यालय बुलाया और 4 हजार रुपये घूस की राशि लेकर जेब में रख ली। जिसके बाद एसीबी टीम ने छापामार कार्यवाही करते हुए आरोपी लोकेश मीणा को रिश्वत की राशि सहित रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्यालय छोड़ भागे अधिकारी कर्मचारी
एसीबी की कार्रवाई की सूचना मिलते ही नगर परिषद कार्यालय के कर्मचारियों के साथ- साथ पास में ही मौजूद पंचायत समिति के कार्मिक अपनी कुर्सी छोड़कर भाग खड़े हुए। वहीं विद्युत विभाग का कार्यालय भी सूना नजर आया।
लाइनमेन के भृष्टाचार से परेशान थी जनता
जानकारी के मुताबिक लाइनमेन लोकेश मीणा नयावास फीडर पर कार्यरत था। जिससे जुड़े उपभोक्ता इस लाइनमैन की रिश्वतखोरी से खासे परेशान थे। उपभोक्ताओं को छोटे-मोटे कार्यों लिए भी 100 रुपये से लेकर हजार रुपये तक की रिश्वत देनी पड़ती थी। लोकेश मीणा विद्युत निगम के बसेड़ी इलाके में अलग अलग फीडरों पर करीब 10 साल से कार्यरत था।
मंगलवार को मोबाइल बन्द होने से नहीं हो सकी कार्रवाई
एसीबी की टीम द्वारा सत्यापन के बाद कार्रवाई का जाल बिछाया गया। जिसको लेकर टीम मंगलवार शाम को भी कार्रवाई के लिए बसेड़ी आई थी। जिस पर परिवादी द्वारा पैसे देने के लिए लोकेश मीणा को फोन किया गया। लेकिन फोन बंद होने के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी और एसीबी टीम वापस चली गई।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो
