उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ हजारों की संख्या में काले कपड़े पहनकर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा,
1 min readबांदा
आज दिनांक 16 सितम्बर को पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई बांदा द्वारा जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में काले कपड़े पहनकर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बांदा को प्रदान किया और अपना विरोध दर्ज कराया।।जिलाधिकारी बांदा के प्रतिनिधि के तौर पर सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा ज्ञापन लिया गया।ज्ञापन देने के पूर्व सभी शिक्षक जी आई सी मैदान में एकत्रित हुए ,,हजारों की संख्या में काले कपड़े पहने शिक्षक और शिक्षिकाओं द्वारा हाथों में तख्ती और बैनर लेकर भारत सरकार द्वारा शिक्षकों की सेवा शर्तों में बदलाव किए जाने को गैर जरूरी बताया।सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश की शिक्षक भर्ती नियमों को अनदेखा किया गया। जुलाई 2011 के तक के भी नियुक्त समस्त शिक्षकों ने सभी मापदंडों पर खरा उतर कर ,सभी परीक्षाएं पास कर और सरकार द्वारा निर्धारित योग्यता को पूरी कर ही शिक्षक बने है। सरकार ने समय समय पर भर्ती के समय जो योग्यता और मापदंड निर्धारित किए ,शिक्षकों ने उनको पूरा कर नियुक्ति पाई ।पहले योग्यता हाईस्कूल बीटीसी था,फिर इंटर और बीटीसी हुआ,फिर स्नातक बीटीसी हुआ,फिर बीएड किए शिक्षकों के किए विशिष्ट बीटीसी हुआ और उसके बाद बीएड के साथ टेट,सुपर टेट हुआ ,,,जिस समय सरकार ने जो भी भर्ती की केंद्र और राज्य सरकारो ने शिक्षक उसी मापदंड से गुजर कर आया है कोई भी शिक्षक जबरदस्ती आकर शिक्षक नहीं बन गया है।आज भी जो साथी इंटर बीटीसी में भर्ती हुए थे वो स्नातक नहीं तो टेट कैसे होगा। समस्या टेट की नहीं सेवा शर्तों के साथ छेड़छाड़ की है,जो हमको नामंजूर है।माननीय उच्चतम न्यायालय के एक सितंबर के दिए गए निर्णय के आलोक में अनेक समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में चलाए गए समाचार से शिक्षकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई की जो भी शिक्षक 25 अगस्त 2010 के पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी TET अनिवार्य होगा और ऐसा न होने पर सेवा से निकाल दिया जाएगा।जिससे प्रदेश हे शिक्षकों में आक्रोश और क्षोभ है ।ऐसे कारणों से हमीरपुर और महोबा जनपद में एक एक शिक्षक ने आत्महत्या कर ली जबकि विभागीय पूर्व के निर्देशों और तथ्यों से स्पष्ट है कि भारत सरकार के अधीन 25 अगस्त 2010 तथा उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवा रत रहने या पदोन्नति करने हेतु TET करना अनिवार्य नहीं है ,,उक्त के संबंध में अलग से निर्णय लिए जाने की अपेक्षा की गई है।आने वाले समय में यदि शिक्षक हितों को नजरअंदाज किया जाएगा तो दिल्ली , लखनऊ भी कूच किया जाएगा।संगठन जमीन से लेकर न्यायालय तक हर स्तर की लड़ाई लड़ेगा।
ज्ञापन के समय जिला मंत्री प्रजीत सिंह , जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाशंकर यादव जिला कोषाध्यक्ष रामसुफल कश्यप सहित समस्त जनपदीय पदाधिकारियों,ब्लॉक अध्यक्ष मंत्री तथा ब्लॉक स्तरीय समस्त पदाधिकारी,,संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंत्री तथा उनकी कार्यसमितियां,तहसील प्रभारी ,सह प्रभारी तथा समस्त महिला पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। माध्यमिक शिक्षक संघ के मिथलेश पांडे और उनके अनेक पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।।।।

