बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अपने प्रत्येक कर्तव्यों का निर्वहन-एडीएम
1 min readबाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अपने प्रत्येक कर्तव्यों का निर्वहन-एडीएम
बाल विवाह प्रतिषेध के संबंध में समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन
धौलपुर,
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बाल विवाह रोकथाम के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर हरिराम मीना की अध्यक्षता में अटल सेवा केन्द्र में वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उन्होंने उपखण्ड अधिकारी एवं बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्धन परिवार में बाल विवाह होने की संभावना अधिक रहती है। ग्राम पंचायतों में होने वाली ग्राम सभाओं में एव ंनो बैग डे के दिन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं से निबंध प्रतियोगिता प्रार्थना सभा के दौरान बाल विवाह से होने वाले हानियों के बारे में जागरूक करे एवं उपखण्ड अधिकारी समस्त तहसीलदार, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से निर्धन परिवारों को बाल विवाह से होने वाली हानियों एवं रूढ़वादी परम्पराओं को छोड़ने के लिए जागरूक करें। बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अपने प्रत्येक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए बाल विवाह को रोकने का अधिक से अधिक प्रयास करें। उन्होंने सभी अधिकारियों से बाल विवाह रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने संबंधित विभागों को अभियान को गति देने, लक्षित क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बाल विवाह करने वाले कोई भी व्यक्ति के बारे में हेल्पलाइन नम्बर 1098, 100 या 181 पर बाल विवाह की सूचना दे सकते है। जिसमे उसकी पहचान गोपनीय रहेगी।
बाल विवाह के सूचना पर तत्काल जारी होगी निषेधाज्ञा
उन्होंने सभी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों को बाल विवाह की सूचना पर तत्काल प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट से निषेधाज्ञा जारी करवाने के निर्देश दिए। निषेधाज्ञा जारी होने के बाद भी यदि शादी होगी तो वह प्रारम्भ से ही शून्य होगी। उसका कोई पंजीकरण नहीं हो सकेगा और पता चलने पर तत्काल एफआईआर होगी।
उन्होंने बताया कि विवाह अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह अपराध है। जिसकी रोकथाम के लिए आवश्यक दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने के प्रावधान है, जिससे कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोका जा सके। बाल विवाह रोकथाम हेतु संबंधित विभिन्न प्राधिकरण, विभागों के बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कार्यवाही की जाएगी। बैठक में उपखण्ड अधिकारी धौलपुर डॉ. साधना शर्मा, सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग एवं बाल संरक्षण इकाई देवेन्द्र सिंह जांगल, सीबीईओ महेश कुमार मंगल, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सुक्खो देवी, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति मधु शर्मा सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
ब्यूरो विजय शर्मा

