हाजिरी घोटाला नेताओं की आंखों पर पट्टी, मरीजों पर मुसीबत
1 min readहाजिरी घोटाला नेताओं की आंखों पर पट्टी, मरीजों पर मुसीबत
बिंदी से बनी हस्ताक्षर की सरकार कुमारगंज अस्पताल का ‘करतब’ सबकी नज़रों के सामने
कुमारगंज अयोध्या
100 शैय्या अस्पताल में रजिस्टर का खेल चल रहा है डॉक्टर न आएं तो बिंदी आएगी, और कुछ दिन बाद वही बिंदी हस्ताक्षर में बदल जाएगी।इस खेल को देखने वाले हैं
स्वास्थ्य मंत्री व उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, सांसद अवधेश प्रसाद,
विधायक चंद्रभानु पासवान, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही और भाजपा जिला संगठन प्रभारी संजय राय।
लेकिन सबकी आंखों पर ‘पट्टी’ बंधी है मरीज चाहे मर जाएं, सिस्टम स्वस्थ है।
स्वास्थ्य मंत्री की समीक्षा बैठक
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक हर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा करते हैं, लेकिन जहां हाजिरी रजिस्टर बिंदी से सजता है, वहां समीक्षा रुक जाती है।सवाल“क्या बिंदी को भी मेडिकल प्रोटोकॉल में शामिल कर लिया गया है?”
सांसद का मौन
सांसद अवधेश प्रसाद कहते हैं“जांच कराएंगे” मरीजों ने तंज कसा “जांच तब कराएं जब हम बच जाएंगे।”
विधायक की अनभिज्ञता
विधायक चंद्रभानु पासवान का बयान “हमें तो खबर ही नहीं।”
“अस्पताल उनकी विधानसभा में है,पर खबर विधानसभा से बाहर है।”
प्रभारी मंत्री का व्यस्त कैलेंडर
सूर्य प्रताप शाही विकास योजनाओं में व्यस्त हैं। मरीज कहते हैं “क्या विकास में हमारे इलाज को भी जोड़ा जाएगा?”
भाजपा जिला संगठन प्रभारी का रुख
संजय राय कहते हैं “जांच होगी तो सख्त होगी। सख्ती मरीजों पर होगी या दोषियों पर, यह तय नहीं है।”
और अंत मे सरकारी अस्पतालों में बीमारी से नहीं, व्यवस्था से मौत होती है।यहां इलाज रजिस्टर का होता है, मरीज का नहीं।”

