गंगा मैया की गोद में भक्ति का अनोखा संगम: राम और केवट की प्रेम कहानी” संत मुरलीधर महाराज
1 min readगंगा मैया की गोद में भक्ति का अनोखा संगम: राम और केवट की प्रेम कहानी” संत मुरलीधर महाराज
राम की भक्ति में केवट का मर्म, चरण धोने की जिद से निहाल हुआ वनवासी भक्त”
धौलपुर राजस्थान ।
धौलपुर मचकुंड रोड भगवान परशुराम सदन में श्री राम सेवा समिति द्वारा आयोजित संगीतमय श्री राम कथा में प्रसिद्ध कथावाचक मुरलीधर महाराज जी ने भगवान राम और केवट के बीच हुई नाव पार करने की मार्मिक वार्ता का वर्णन किया। इस प्रसंग को सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।
महाराज जी ने बताया कि किस तरह वनवास के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी को गंगा नदी पार करनी थी। उन्होंने नदी किनारे केवट को देखा और उससे नाव द्वारा गंगा पार कराने का आग्रह किया। केवट ने पहले प्रभु के चरण धोने की शर्त रखी, क्योंकि वह जानता था कि प्रभु के चरणों की रज से पत्थर भी स्त्री बन गया था। वह अपनी नाव को खोना नहीं चाहता था।
महाराज जी ने आगे कहा कि केवट की इस अनूठी भक्ति और प्रेम को देखकर भगवान राम मुस्कुराए और उन्होंने केवट को अपने चरण धोने की अनुमति दी। केवट ने बड़ी श्रद्धा के साथ भगवान के चरणों को धोया और उस जल को अपने माथे से लगाया। इसके बाद उसने तीनों को अपनी नाव में बैठाकर गंगा पार कराई।
यह प्रसंग केवल एक कहानी नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि भगवान को पाने के लिए धन या शक्ति की नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम और सच्ची भक्ति की आवश्यकता होती है। मुरलीधर महाराज जी ने कहा कि जिस तरह केवट ने भगवान के चरणों को धोकर मोक्ष प्राप्त किया, उसी तरह हम भी अपने जीवन में सत्कर्म और भक्ति के माध्यम से प्रभु की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और मुख्य यजमान रमेश चंद राकेश कांटे, बेवी, दैनिक यजमान विजय मित्तल, डॉ हरिओम गर्ग, शिवप्रसाद मित्तल, मनीष गोयल, शिवकुमार सिंगल, क्षमादान चौधरी, विष्णु मंगल सी ए,धीरज मंगल, पवन कुमार मित्तल, मानसिंह राणा, मोहित सोनी, देवी चरण शर्मा, गौरी शंकर उपाध्याय पत्नी सहित आज के दैनिक यजमान रहे राम कथा समिति के संयोजक श्री भगवान मित्तल एवं उनके सदस्य राजकुमार सिंघल, प्रेम मंगल, गोवर्धन दास, शिव प्रकाश शर्मा, अरविंद शुक्ला, प्रवीण गुप्ता, अतुल अग्रवाल, गौरव मित्तल, मदनलाल शर्मा एवं अन्य सहयोगी व्यवस्थाओं को देख रहे हैं।
और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विजय कुमार शर्मा

