कुछ परमिट के आंड़ में भारी संख्या में काटे गये आम के पेड़, कुआंना रेंज में जमकर उड़ी पर्यावरण की धज्जियां
1 min readजब नेता जनप्रतिनिधि ही कटवाने लगे आम के बगीचे तो कैसे बचेगा पर्यावरण,शिकायत पर संबंधित बोले मुझे नौकरी नहीं गंवाना
कुछ परमिट के आंड़ में भारी संख्या में काटे गये आम के पेड़, कुआंना रेंज में जमकर उड़ी पर्यावरण की धज्जियां
गोंडा।

जहां एक ओर प्रदेश सरकार पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष वृक्षारोपण करवा रही है,सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं में पौधे रोपित कर पर्यावरण का संदेश दिया जा रहा है जिसमें करीब लाखों- करोड़ो रुपए का खर्चा आता है तो वहीं दूसरी ओर जिले के कुआंना रेंज में रक्षक ही भक्षक बने हुए हैं सूत्रों की मानें तो यहां अवैध प्रतिबंधित लकड़ियों की कटान बगैर परमिट सुर्खियों में रही है जिसमें ठेकेदार को परमिट बनवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती,बस सिर्फ साहब के साथ किसी चाय की होटल पर एक चाय की चुस्की हो जाये। इसी तरह शनिवार को रेंज क्षेत्र अंतर्गत जगता पुर गांव में बडे़ आम के बगीचे को सफाया किया जा रहा था। जहां जानकारी मिली की 15 पेड़ के परमिट है, जबकि भारी संख्या में आम जैसे फलदार वृक्ष को धराशाई कर दिया गया। हैरान कर देने वाली बात तो तब हुई जब फारेस्ट गार्ड से शिकायत पर यह जवाब मिला कि बगीचे को कटने दो मुझे भली-भांति मालूम है तुम लोग इसमें हाथ ना डालो क्योंकि ये कोई मामूली आदमी नहीं है जिस पर इन्होंने कार्रवाई करने से साफ इंकार कर दिया और बताने लगे यह एक गैर जनपद के जनप्रतिनिधि हैं,मुझे नौकरी नहीं गंवाना। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि जब नेता ही आम के बड़े बगीचे को कटवाने लगे हैं तो पर्यावरण को कैसे बचाया जा सकता है और एक तरफ वृक्षारोपण कर इन्हीं लोगों द्वारा एक पेड़ मां के नाम का संदेश दिया जा रहा है जिसकी खबर विभिन्न समाचार पत्र में प्रमुखता के साथ प्रकाशित हो रही है। वहीं इस संबंध में डीएम, मंडलायुक्त देवीपाटन से दूरभाष के जरिए शिकायत की गई है। रेंजर कुआंना ने बताया कि 15 पेड़ के परमिट है,बाकी कटान रुकवा दी गई है।
