स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में स्थाई स्मारक की मांग
1 min readअमानीगंज में 77 साल बाद भी वीर सपूतों के नाम पर कोई स्मारक नहीं।
अमानीगंज / अयोध्या

अयोध्या जनपद के अमानीगंज क्षेत्र में स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में स्थाई स्मारक बनाने की मांग उठी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी के 77 साल बाद भी वीर सपूतों के नाम पर कोई स्थाई स्मारक नहीं बना है। ग्राम पंचायत कोटिया के स्वतंत्रता सेनानी हरिभजन शुक्ला का जन्म 1921 में हुआ था। देश की आजादी के बाद से जब ग्राम पंचायत का चुनाव शुरू हुआ, तब से लगातार 45 साल तक वे ग्राम पंचायत कोटिया के प्रधान रहे। उनकी मृत्यु 21 दिसंबर 1997 को हुई। हरिभजन शुक्ला कभी जूता-चप्पल नहीं पहनते थे और हमेशा खादी के वस्त्र पहनते थे। उनके दो पुत्र हैं -श्रीनिवास शुक्ला जो टेलीफोन विभाग से रिटायर हैं और राजनाथ शुक्ला जो खेती-बारी का काम करते हैं। उनके चार नाती हैं – विशाल शुक्ला, सर्वेश शुक्ला, अजय शुक्ला और प्रवेश शुक्ला। स्वर्गीय हरिभजन शुक्ला पांच बार जेल जा चुके थे। जेल में उन्हें प्रताड़ना दी जाती थी और लाठियां भी खानी पड़ती थीं। वर्तमान में विकास खंड अमानीगंज कार्यालय में केवल एक स्तंभ पर स्वतंत्रता सेनानियों के नाम अंकित हैं, जो खुले आसमान के नीचे स्थित है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आजादी के बाद अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकारें आईं और कई विधायक-सांसद भी आए और गए, लेकिन आज तक किसी ने स्थाई स्मारक बनाने की पहल नहीं की। प्रधान गंगा यादव, श्रीनिवास शुक्ला, बासदेव शुक्ला, गोपी यादव, अवधेश तिवारी और कोटिया के अमरनाथ शुक्ल सहित अन्य लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर ग्राम सभा में गेट, सभागार, धर्मशाला या खेल का मैदान बनाने की मांग की है। उनका मानना है कि इन वीर सपूतों के नाम पर स्थाई स्मारक बनाने से आने वाली पीढ़ियों के लिए यह यादगार होगा।
