पुलिस पर जातिसूचक गाली देने और धमकी का आरोप, पीड़ित ने एसपी कार्यालय पहुंच की शिकायत
1 min readसुल्तानपुर जनपद के गोसाईगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फतेहपुर संगत निवासी अनिल कुमार गौतम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि न केवल दबंगों ने उसकी फसल को नष्ट किया बल्कि थाना गोसाईगंज के प्रभारी निरीक्षक द्वारा जातिसूचक गालियां देकर धमकी भी दी गई।
पीड़ित अनिल कुमार ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व घनश्याम विश्वकर्मा से खेत रेहन पर लिया था, जिसमें उन्होंने मक्का की बुआई की थी। लगभग एक सप्ताह पूर्व, 19 जुलाई की सुबह लगभग 8 बजे, ध्रुव बरनवाल उर्फ अम्मू अपने दो साथियों के साथ आया और खेत की जबरन जुताई कर दी। जब अनिल ने इसका विरोध किया, तो ध्रुव ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए धमकी दी और कहा कि यदि वह बाहर मिला तो उसे जान से मरवा देगा। इस दौरान ध्रुव के साथ आए लोग लाठियों से लैस थे।
घटना की जानकारी डायल 112 पर दी गई, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बिना किसी कार्रवाई के लौट गई। इसके बाद अनिल कुमार थाना गोसाईगंज पहुंचे, परंतु उस समय प्रभारी निरीक्षक उपस्थित नहीं थे। दीवान ने उन्हें अगले दिन आने को कहा। अगले दिन जब वह पुनः थाने पहुंचे और एसओ श्री राम आशीष उपाध्याय से मिले, तो उन्होंने अपना परिचय दिया और पूरी घटना की जानकारी दी।
अनिल का आरोप है कि एसओ ने उन्हें पहचानने के बाद अपमानजनक भाषा में बात की और कहा, “**** साले, अपनी क्षेत्र पंचायती सदस्सी अपने पास रखो, नहीं तो तुम्हारी क्षेत्र पंचायती तुम्हारी **** में घुसेड़ दूंगा। बहुजन समाज पार्टी के बारे में मुझे मत बताओ, जब **** की सरकार आयेगी तब बात करना। मैं भी ब्राह्मण हूँ। ज्यादा राजनीति करोगे तो रात 12 बजे घर से उठवाकर इतना फर्जी मुकदमा लगाऊंगा, और जरूरत पड़ी तो इनकाउंटर कर दूंगा।”
पीड़ित ने कहा कि इस तरह की भाषा और धमकी से वह मानसिक रूप से आहत हैं और डर के साये में जी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो इसके परिणाम के लिए एसओ गोसाईगंज जिम्मेदार होंगे।
अनिल कुमार ने एसपी से आग्रह किया है कि इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उनके साथ न्याय किया जाए और थाना गोसाईगंज के प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने अपनी जान-माल की सुरक्षा की भी मांग की है। इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और पुलिस की भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

