ऑल इण्डियन फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शन सौंपा ज्ञापन
1 min readऑल इण्डियन फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को लिखित ज्ञापन सौंपा
बांदा
आपको बता दें कि पूरा मामला जिला कलेक्ट्रेट परिसर कार्यालय बांदा से सामने आया है जहां पर आल इंडिया फेयर प्राइस शाप डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
और बताया कि वर्तमान में फोन से फीडबैक लिया जा रहा है जिसमें कोटेदारों के विरोधियों के
पास फोन जाने पर उल्टा सीधा जवाब दिया जा रहा है व ऐसा व्यक्ति फोन
उठाता है जो राशन लेने गया ही नहीं था, जिसमें उसको पूर्ण जानकारी नहीं
रहती है।
वह भी ठीक जवाब नहीं दे पाता है, जिसके आधार पर अनायास जांच
होती है, जिससे शो बढ़ा है। सरकार किसी भी एक विभाग से जांच कराये।
कई विभाग से जांच कराने पर शोषण बढ़ता है।
उ०प्र० के कोटेदारों का लाभांश खाद्यान्न पर 90/- रुपये कुन्तल व चीनी पर
70/- रुपये कुन्तल ही मिलता है, जबकि अन्य प्रदेशों में जैसे हरियाणा
200/- रुपये कुन्तल, गोवा में 200/- रुपये कुन्तल, दिल्ली में 200/-
रुपये कुन्तल, गुजरात में 20,000/- रुपये मिनिमम गारंटी दिया जा रहा है।
उ०प्र० के कोटेदारों को अन्य प्रदेश की भांति दिया जाये।
शासनादेशानुसार डोर स्टेप डिलीवरी गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न कोटे के दुकान पर
पहुंचाकर दिया जाये।
पूर्व का सभी बकाया भुगतान किया जाये।
कोटेदारों द्वारा वितरण ऑन लाइन किया जा रहा है, जबकि सत्यापन अधिकारी,
वितरण अधिकारी व वितरण प्रमाण-पत्र व स्टॉक रजिस्टर बंद किया जाय,
राज्य सरकार द्वारा पेपरलेस का आदेश दिया जाये।
स्वयं सहायता समूह के दुकान संचालन के सभी जिम्मेदारी होती है, संचालक
द्वारा भाड़ा, बिजली बिल मजदूरी भी दी जाती है। कमीशन का पैसा संचालक
के खाते में दिया जाये।
एम०डी०एम० और आई०सी०डी०एस० के खाद्यान्न पर भी एन०एफ०एस०ए०
खाद्यान्न की भाति कमीशन प्रदान करे।
मांग है कि समस्त उचित बिन्दुओं पर विचार करते हुये
निस्तारण करे व अन्यथा की स्थिति में अगस्त माह का वितरण प्रथम तीन दिन रोक दिया जायेगा

