वन माफियाओं का आतंक, पुलिस-वन विभाग की मिलीभगत से हरे पेड़ों की अवैध कटान बड़े पैमाने पर
1 min readकर्नलगंज,गोंडा।

कोतवाली के बालपुर चौकी क्षेत्र में वन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ग्राम पंचायत भटनईया में सागौन के दर्जनों हरे-भरे प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटाई धड़ल्ले से जारी है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, वन दरोगा और जिम्मेदार पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से माफिया बेखौफ होकर इस गैरकानूनी धंधे को अंजाम दे रहे हैं। पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने वाला यह कारोबार शासन और जिला प्रशासन के आदेशों को खुली चुनौती दे रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग और पुलिस सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने हुए हैं। सड़कों और चौराहों से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम गुजर रही हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि वन संपदा की लूट को भी दर्शाती है। सागौन जैसे मूल्यवान पेड़ों की कटाई से माफिया मोटी कमाई कर रहे हैं, जबकि वन्यजीवों के आवास पर संकट गहरा रहा है।
जिम्मेदार अधिकारियों पर शासन के आदेशों का कोई असर नहीं दिख रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वन माफिया पुलिस और वन विभाग के कुछ कर्मचारियों के संरक्षण में रात-दिन अवैध कटाई कर रहे हैं। इस कारोबार से न केवल जैव विविधता को नुकसान हो रहा है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक समस्याएं भी बढ़ रही हैं। जनता में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सवाल उठता है कि आखिर इस अवैध कारोबार पर लगाम कब लगेगी? जिला प्रशासन और वन विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि वन संपदा और पर्यावरण को बचाया जा सके।
महादेव मौर्या
