ब्राह्मणों ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा दिया बलिदान :- डा.मुरली धर सिंह अधिवक्ता
1 min readमुरलीधर सिंह शास्त्री
अधिवक्ता
डॉक्टर मुरलीधर सिंह शास्त्री
अधिवक्ता
मा उच्च न्यायालय
एवं सदस्य भारतीय जनता पार्टी तथा स्वयंसेवक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (प्रोफेसर राजू भैया द्वारा 1982 में बनारस में दीक्षित) एवं पूर्व वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गी राजनाथ सिंह सूर्य द्वारा प्रशिक्षित
24 जून 2025 अयोध्या से
इटावा की घटना की घोर निंदा एवं कठोर कार्रवाई की सरकार से मांग
जनपद इटावा में यादव समाज के कथावाचक संत सिंह यादव या उनके श्रीमद् भागवत कथा वाचक टोली का अपमान धर्म का अपमान है
अपमान करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा एवं समाज विरोधी सुरक्षा कानून तथा गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए
जहां तक वर्तमान समय में धर्मशास्त्र का सवाल है
मनुस्मृति में भी महर्षि याज्ञवल्क
ने भी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तीसरे संघ चालक श्री बाला साहब देवरस ने जी ने भी कहा है की (जन्मती जानते सूदो कार्मिनती ब्राह्मण )
,(कर्म से जो ब्राह्मण का आचरण करता है ब्राह्मण है तथा जन्म से सभी लोग शुद्र होते हैं )समस्याएं हैं कि भारत में अनेक पथ हैं गैर ब्राह्मण समाज के लोग धार्मिक क्रिया में ज्यादा रुचि ले रहे हैं तथा धार्मिक अनुष्ठान भी कर रहे हैं इसका प्रशिक्षण हरिद्वार शांतिकुंज द्वारा व्यापक रूप से किया जाता है तथा अंतरराष्ट्रीय संस्था इस्कॉन द्वारा भी किया जाता है दोनों संस्थाओं को मैं नजदीक से देखा है तथा दोनों में गैर ब्राह्मण लोग हैं (लेकिन 10 1 5% ब्राह्मणों के समूह द्वारा किसी कथा वाचक का अपमान करने के लिए सभी ब्राह्मण समाज को दोषी बताना सामाजिक दृष्टि से और संविधान के दृश्य से उचित नहीं है) ब्राह्मणों ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा सबसे ज्यादा बलिदान दिया है इसको भूलना नहीं चाहिए लेकिन ब्राह्मण के आचरण विरुद्ध ब्राह्मण समाज का भी जो काम करता है उसको समाज से निकल जाना चाहिए और हमारी सरकार को इसमें कठोर कार्रवाई करनी चाहिए जहां तक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई अखिलेश यादव जी का सवाल है उनको सीधे पी दी अ (PDA )नाम लेने के बजाय सीधे यादव समाज के संत सिंह यादव का नाम लेना चाहिए और उनके साथ यादव समाज है और रहेगा और इसमें अन्य समाज के जो विद्वान लोग हैं ऐसी घटनाओं का खंडन करना चाहिए तथा इसको किसी भी प्रोत्साहन नहीं दिया जाना चाहिए तथा संवैधानिक अधिकार जो अनटचेबिलिटी का है उसके खिलाफ भी कार्रवाई करना चाहिए और कथावाचकों को जो
आयोजक ने बुलाया है उसकी पूरी जिम्मेदारी लेना चाहिए उनके गांव के लोगों जिन लोगों द्वारा अपमान किया गया है उसके खिलाफ उन्हें भी कार्रवाई करनी चाहिए
जय हिंद जय भारत जय सनातन धर्म

