बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन पैनल में लखनऊ प्रशासन ने स्क्वाड्रन लीडर (डॉ) तूलिका रानी को बनाया सदस्य
1 min readसुल्तानपुर/ लखनऊ।
लखनऊ प्रशासन द्वारा जनपद में बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराते हुए उनके परिवारों के चिन्हांकन, पुनर्वासन तथा सामाजिक एकीकरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगरानी दल का गठन करके एक वृहद अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें लखनऊ शहर के चिन्हित चौराहों जैसे हजरतगंज, लाल बत्ती, अवध, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, चारबाग, इंजीनियरिंग कॉलेज/टेढ़ी पुलिया, अलीगंज/कपूरथला आदि चौराहों पर 01 फरवरी 2025 से निरंतर निगरानी का कार्य चल रहा है। बाल भिक्षावृत्ति को रोकने तथा इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आम जनमानस में इसके प्रति जागरूकता का व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा सुझाव देने एवं अपील करने के लिए लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख द्वारा एक नौ सदस्यीय पैनल का गठन किया गया है। इसमें लखनऊ के शिक्षाविदों, समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों/ विशेषज्ञों/समाज सेवियों को शामिल किया गया है। इन प्रतिष्ठित सदस्यों में लखनऊ की स्क्वाड्रन लीडर (डॉ) तूलिका रानी भी शामिल हैं। अन्य सदस्य लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, डॉ ऐ पी जे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय तथा आई आई एम लखनऊ से हैं।
इस विषय में स्क्वाड्रन लीडर (डॉ) तूलिका रानी ने लखनऊ प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज के उपेक्षित वर्ग एवं बच्चों के भविष्य को सुधारने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण एवम् सराहनीय पहल है। उन्होंने बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन पैनल में स्वयं को सदस्य बनाने के लिए प्रशासन का हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा इसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, बचपन ईश्वर का रूप है, और हर भारतीय बच्चा देश का भविष्य है, अतः हमें उसे सुंदर और सुदृढ़ बनाने के लिए हर संभव प्रयत्न करना चाहिए।
ज्ञात हो कि स्क्वाड्रन लीडर (डॉ) तूलिका रानी वर्ष 2023 में उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की G-20 ब्रांड एंबेसडर रह चुकी हैं। उन्हें लखनऊ प्रशासन ने 2022 तथा 2024 में क्रमशः विधान सभा चुनावों एवं लोक सभा चुनाव में चुनाव आयोग के वोटर जागरूकता अभियान स्वीप की ब्रांड एंबेसडर तथा डिस्ट्रिक आइकन भी नियुक्त किया था।स्क्वाड्रन लीडर तूलिका रानी पूर्व भारतीय वायु सेना अधिकारी होने के साथ साथ उत्तर प्रदेश से माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण करने वाली प्रथम महिला हैं तथा ईरान में स्थित एशिया के सर्वोच्च ज्वालामुखी माउंट दामावंद पर तिरंगा फहराने वाली प्रथम भारतीय महिला हैं। वह भारत, नेपाल, भूटान, ईरान, अफ्रीका, रूस आदि देशों में 26 पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग अभियान कर देश का गौरव बढ़ा चुकी हैं। उन्हें 2025 की गणतंत्र दिवस परेड में भारत सरकार की सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। तूलिका रानी वर्तमान में इतिहास की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।

