पत्नी का ईलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे 70 वर्षीय बुजुर्ग को कर्मचारीयों ने बरसाए थप्पड़ फर्स पर घसीटा
1 min readमध्य प्रदेश के छतरपुर जिला अस्पताल में धरती के भगवान डॉक्टरों का नया अवतार देखिए। बुजुर्ग उधल लाल जोशी अपनी 70 वर्षीय पत्नी लाली जोशी को लेकर अस्पताल पहुंचे। सुबह 10 बजे से ओटी के रूम नंबर 11 की लाइन में खड़े थे। बेचारे उधल लाल ने डॉक्टर से देरी का कारण पूछ लिया। फिर शुरू हुआ डॉक्टर का नाटक।जैसे जोशी ने डॉक्टर को कोई गाली दे दी हो,पहले तो पर्चा फाड़कर अपनी सर्जिकल प्रेसिजन दिखाई,फिर बुजुर्ग जोशी के कान के नीचे थप्पड़ जड़कर थेरेपी शुरू की,इतने से मन नहीं भरा तो लात-घूंसे बरसाए और कंपाउंडर की मदद से बुजुर्ग जोशी को पैर पकड़कर चौकी तक घसीटा,मानो कोई मेडिकल रेसलिंग चैंपियनशिप चल रही हो।अंत में जोशी को अस्पताल से बाहर फेंक दिया।शायद यही है डॉक्टर का डिस्चार्ज प्रोसीजर।
ये सिस्टम का कमाल है,जहां गरीब आदमी का सवाल पूछना अपराध है।डॉक्टर धरती के भगवान हैं,लेकिन लगता है भगवान ने डंडा चलाने की ट्रेनिंग ले ली है। सत्ता और कुर्सी की हनक में गरीब को कुचलना,उसका हक छीनना वाह क्या शानदार हेल्थकेयर मॉडल है।सोचता हूं अगली बार बुजुर्ग जोशी टोकन लेने की बजाय सीधे कुश्ती का मैदान तैयार रखें,क्योंकि इलाज तो दूर अस्पताल में मार्शल आर्ट का डोज मुफ्त मिल रहा है। गरीब का हक मांगना बंद,वरना डॉक्टर का थप्पड़-लात वाला इलाज तैयार है।

