खनन माफियाओं पर बड़ी कार्यवाही, उपजिलाधिकारी सदर ने पकड़ी खनन करते 1 जेसीबी, 3 डंपर, खनन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध
1 min readअयोध्या

उपजिलाधिकारी सदर विकास दुबे ने अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए पूराकलंदर क्षेत्र के सनेथू गांव में एक जेसीबी और तीन डंपरों को पकड़ा। जब्त किए गए वाहनों के पास किसी भी प्रकार की वैध रॉयल्टी नहीं थी। प्रशासन की इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया, लेकिन खनन विभाग की लापरवाही ने इस पूरी कार्रवाई को संदेह के घेरे में ला दिया है।
सूचना मिलने के बावजूद खनन अधिकारी दो घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचे और उनका तर्क था कि “ड्राइवर उपलब्ध नहीं है।” यह पहली बार नहीं है जब खनन विभाग ने इस तरह का बहाना बनाया हो। इससे पहले भी दो अन्य मामलों में यही दलील दी जा चुकी है। सवाल यह है कि क्या यह सच में विभागीय लापरवाही है, या फिर अवैध खनन को संरक्षण देने की साजिश?
थाने पहुंचने के बाद खनन अधिकारी का रुख अचानक बदल गया। उन्होंने खनन माफियाओं की वकालत करते हुए कहा कि मिट्टी संभवतः किसी ईंट-भट्ठे के लिए जा रही थी। उनके इस बयान ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत प्रशासन लगातार अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी खुद बहाने बनाने लगें, तो इस नीति की सफलता पर सवाल उठना लाजमी है। प्रशासन को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और खनन माफियाओं को संरक्षण देने वालों की भी जांच की जाए।
