February 21, 2026

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शीशमहल को अब मिलेगी नई पहचान, रेखा सरकार कैसे कर सकती है इस्तेमाल

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नई दिल्ली।

रेखा गुप्ता सरकार ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित बंगले का इस्तेमाल करने का मन बना लिया है।रेखा सरकार ने शीशमहल नाम दिया है।अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री आवास रहे इस बंगले को अब स्टेट गेस्ट हाउस के तौर पर इस्तेमाल करने पर विचार किया जा रहा है। केजरीवाल सरकार की ओर से बंगले के कथित रेनोवेशन को लेकर दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ जमकर प्रचार किया था।

स्टेट गेस्ट हाउस बनाने पर विचार

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में आने वाले गणमान्य व्यक्तियों के लिए एक स्टेट गेस्ट हाउस की जरूरत है।अधिकारी ने कहा कि बाकी राज्यों की तरह शहर में ऐसा कोई गेस्ट हाउस नहीं है। इसी वजह से 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित बंगले को गेस्ट हाउस के तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर विचार किया जा रहा है,लेकिन फिलहाल अंतिम फैसले का इंतजार है।फ्लैग स्टाफ रोड सिविल लाइंस इलाके में आता है,जहां राजभवन,दिल्ली विधानसभा और सचिवालय हैं।अधिकारी ने कहा कि 1990 के दशक में 33 शाम नाथ मार्ग पर स्थित एक संपत्ति को स्टेट गेस्ट हाउस बनाने के बारे में सोचा गया था,लेकिन तीन-चार साल बाद इस पर सहमति नहीं बन पाई।तब से दिल्ली में ऐसा कोई गेस्ट हाउस नहीं है। आप सरकार के तहत 33 शाम नाथ मार्ग दिल्ली के थिंक टैंक डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन का पता था, जिसे उसने सरकार की नीतियों पर पर सलाह देने के लिए बनाया था।

बंगले में एक ऑफिस और 5 बेडरूम

बता दें कि 1942 में निर्मित 6, फ्लैग स्टाफ रोड बंगले में शुरू में एक ऑफिस के अलावा पांच बेडरूम थे।यह लुटियंस दिल्ली क्षेत्र के बाहर सबसे बड़ी ऐसी संपत्तियों में से एक है। 1960 के दशक से यह बंगला दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) के स्वामित्व में है।इससे पहले यह बंगला वरिष्ठ कांग्रेस नेता चौधरी प्रेम सिंह का घर था,जो दो बार दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके थे।उसके बाद यह बंगला दिल्ली सरकार में कार्यरत नौकरशाहों को आवंटित कर दिया गया। 2020 के मॉनसून के दौरान छत गिरने के बाद आप सरकार ने इसका रेनोवेशन कराने का फैसला किया, उसके बाद कोविड महामारी के आने तक एक टॉयलेट में भी इसी तरह की घटना हुई।कथित तौर पर घर के सिक्योरिटी ऑडिट से रेनोवेशन की जरूरत का पता चला,केजरीवाल 2015 में अपने माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों के साथ इस बंगले में चले गए और अक्टूबर 2024 तक इसमें रहे,दिल्ली के सीएम के पद से हटने के कुछ दिनों बाद केजरीवाल ने इसे खाली कर दिया और अपने परिवार के साथ 5 फिरोजशाह रोड बंगले में चले गए,जो आधिकारिक तौर पर पंजाब से आप के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को आवंटित किया गया था।

केजरीवाल के जाने के बाद से खाली

बता दें कि तीन दिनों तक केजरीवाल की उत्तराधिकारी और आप की सीएम आतिशी इसमें रहीं,लेकिन फिर 9 अक्टूबर को पीडब्ल्यूडी ने आतिशी को इसे खाली करने लिए कहा। पीडब्ल्यूडी ने कहा कि केजरीवाल द्वारा संपत्ति का ऑफिशियल ट्रांसफर अभी तक नहीं हुआ है,पीडब्ल्यूडी ने इस साल जनवरी में आतिशी को बंगले का आवंटन का अपना प्रस्ताव रद्द कर दिया।इस साल की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बंगले के रेनोवेशन पर खर्च किए गए पैसे के बारे में आरोप लगाए थे,खासकर ऐसे समय में जब लोग कोविड की कठिनाइयों से जूझ रहे थे।भाजपा ने घोषणा की कि अगर वह सत्ता में आई तो उसका मुख्यमंत्री शीशमहल में नहीं रहेगा। वरिष्ठ भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने संपत्ति को ध्वस्त करने और इसे उसकी मूल स्थिति में वापस करने की मांग की।

रेनोवेशन खर्च पर उठे सवाल

भाजपा ने सीएम के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित बंगले पर सीएजी की रिपोर्ट सार्वजनिक की।इसमें कहा गया है कि मार्च 2020 में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन ने भूतल पर आवास के रेनोवेशन और एक अतिरिक्त मंजिल के निर्माण का प्रस्ताव रखा था।सीएजी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रारंभिक लागत अनुमान 7.91 करोड़ रुपये था, लेकिन 2022 में नवीनीकरण खत्म होने तक यह बढ़कर 33.66 करोड़ रुपये हो गया।सीएम रेखा गुप्ता फिलहाल शालीमार बाग स्थित अपने पारिवारिक घर से ही काम कर रही हैं उनके लिए भी घर की तलाश जारी है।

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