राम जानकी महाविद्यालय के महा फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा, मृतक को शिक्षक अनुमोदित व नियुक्त करने का हुआ पर्दाफाश
1 min readअयोध्या से बड़ी खबर,
उच्च शिक्षा क्षेत्र के महा फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा।
मृतक को शिक्षक अनुमोदित व नियुक्त करने का हुआ पर्दाफाश I
डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध (123) श्री राम जानकी महाविद्यालय रामनगर अमावासूफी अयोध्या में हिंदी विषय के लिए क्रम संख्या 136 पर जिस विनोद कुमार पुत्र लालता प्रसाद की नियुक्ति की गई है वास्तव में उनका दिनांक 19 / 5 /2021 में कोरोना महामारी के समय असामयिक निधन हो गया था । ब्लॉक अमानीगंज के ग्राम सभा शिवदासपुर ग्रंट (बनकटवा)के मूल निवासी विनोद कुमार (मृतक) को जीवित दर्शाकर धोखाधड़ी जालसाजी करते हुए उनके सभी शैक्षिक दस्तावेजों को फर्जी तरीके से निर्मित करके कॉलेज उपरोक्त की प्रबंधक व प्राचार्य ने कर दिया बड़ा खेल व फर्जीवाड़ा।
इस बात का खुलासा इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता , व भारत सरकार के पूर्व सी जी . सी पवन पांडेय ने करते हुए मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर दोषी जनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है l उल्लेखनीय है कि अभी कुछ माह पूर्व ही थाना खंडासा में तैनात रहे दरोगा राहुल पांडेय ने अधिवक्ता पवन पांडेय के ही एक मुकदमे में मृतक राम अचल दुबे का बयान u/s 161 crpc.दर्ज करके फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी , जिसकी शिकायत होने पर वर्तमान SSP राजकरण नैय्यर ने दरोगा राहुल पांडे को निलंबित कर दिया था l अब देखना यह है कि मृतक व्यक्ति को सहायक प्रोफेसर बनाकर उच्च शिक्षा क्षेत्र के महा फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले शिक्षा माफिया के विरुद्ध सरकार क्या कार्रवाई करती है ?

