February 13, 2026

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सामाजिक संस्था उम्मीद किरण सेवा संस्थान के तत्वाधान में वीरांगना झलकारी बाई की मनाईं जयंती

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वीरांगना झलकारी बाई ने अंग्रेजों के छुड़ाए छक्के

मिल्कीपुर के मीठेगाँव में मनाई गई झलकारी बाई की जयंती

मिल्कीपुर अयोध्या

विकास खंड मिल्कीपुर के मीठेगांव में रविवार को सामाजिक संस्था उम्मीद किरण सेवा संस्थान के तत्वाधान में वीरांगना झलकारी बाई कोरी का जयंती समारोह मनाया गया।समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व अपर निदेशक मत्स्य विभाग बच्चूलाल कोरी ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई कोरी ने अपनी वीरता से अंग्रेजों के छक्के छुड़ाएं। 1857 में जहां अंग्रेज अपनी विस्तारवादी नीति के कारण पूरे देश में दमन का चक्र चला रहे थे और झांसी को अपने अधिकार में लेना चाह रहे थे।वहीं दूसरी ओर रानी लक्ष्मी के समान कद काठी वाली झलकारी बाई कोरी ने अपने पति पूरन कोरी के साथ झांसी में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया।उन्होंने रानी लक्ष्मी बाई और उनके दत्तक पुत्र की रक्षा के लिए युद्ध के मोर्चे उन्नाव गेट पर रानी का रूप धारण कर में अंग्रेजो को चकमा देते हुए पूरे दिन युद्ध में उलझा कर रखा और भंडारी गेट से रानी लक्ष्मीबाई को उनके दत्तक पुत्र के साथ सुरक्षित निकलवा दिया।अंत में युद्ध में अंग्रेजों की गोली का शिकार हुई तब अंग्रेजो को पता चला कि उनसे दिनभर युद्ध लड़ने वाली बहादुर महिला झलकारी बाई कोरी है। युद्ध में झलकारी बाई के पति पूरन कोरी जो भंडारी गेट पर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का संचालन कर रहे थे वह भी शहीद हुए।उम्मीद किरण सेवा संस्थान के अध्यक्ष समाजसेवी लाल चंद्र चौरसिया ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई कोरी का बलिदान इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दिया।विशिष्ट अतिथि एडवोकेट प्रदीप कोरी,सुभाष कोरी,पूर्व जिला पंचायत सदस्य भोला भारती,रामसूरत कोरी,नंदलाल कोरी,हरिओम पासवान,ममता कोरी,बीना कोरी,सालिक राम बौद्ध,सुरेन्द्र कोरी आदि ने भी समारोह को संबोधित किया।कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम त्यागी एवं अध्यक्षता चौधरी आसाराम कोरी ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व प्रधान स्वामीनाथ,गुरुमीत कोरी,हरिश्चंद्र कोरी,हर्षित त्यागी,अभय राज कोरी,केशव राम कोरी,आकाश चौधरी,काशीराम कोरी,विक्रमजीत पाल,बाबूलाल कोरी,झब्बर कोरी,बैजनाथ कोरी,सुंदरा कोरी,रेखा कोरी,महेश चंद्र,रामप्रसाद कोरी,लव कुश बौद्ध,राकेश कोरी समेत बड़ी संख्या में कोरी समाज के लोग मौजूद रहे।

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