80000 वेतन पाने वाले शिक्षा के गुरु बच्चों के भविष्य के साथ कर रहे हैं खिलवाड़, शिक्षक नहीं जाते स्कूल चौराहे पर करते हैं राजनीति
1 min readआज बरसात होने वाली है।
0व्हाट्सएप्प पर यह शब्द पढ़ते ही सभी अध्यापक हो जाते हैं सचेत।
80000 वेतन पाने वाले शिक्षा के गुरु बच्चों के भविष्य के साथ कर रहे हैं खिलवाड़
चाय की दुकान पर करते हैं राजनीति
सूत्रों के मुताबिक
यह हैं सत्ता की हनक जहां पर क्षेत्रीय विधायक की है छात्र छाया
सोहावल अयोध्या

सोहावल शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक शिक्षा पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।इसके जिम्मेदार खंड शिक्षा अधिकारी के साथ शिक्षक माफिया (सेटिंग गेटिंग) नेता हैं।
ज्ञातव्य हो प्राथमिक शिक्षक संघ सोहावल क्षेत्र के मंत्री व जूनियर हाईस्कूल मीर पुर कांटा मे तैनात अध्यापक समीर सिंह इस सारे गडबड झाला के मास्टर मांईड बने हुए है। सत्ता पक्ष विधायक के वरदहस्त प्राप्त उक्त शिक्षक अपने विद्यालय मे पढाने के बजाय संजय गंज बाजार स्थित हेंमत हलवाई की दुकान पर न्याय पंचायत मीर पुर कांटा स्थित लगभग कई विद्यालयो के शिक्षको के साथ गोल बनाए बैठा रहता है। समीर सिंह की राजनैतिक रसूख के दम पर मजाल है कि इस क्षेत्र के विद्यालयो मे कोई अधिकारी जांच कर ले? इतना ही नही इनके साथ मीरपुर,कांटा प्राथमिक विद्यालय -2 मे तैनात शिक्षक,आवेश कुमार, प्राथमिक विद्यालय गौरा बभनान विद्यालय के आशुतोष सिंह, अरथर पवन गुप्ता भी इन्ही के साथ केवल विद्यालय मे हाजरी लगाने जाता है।उसके बाद ये सब या तो संजय गंज बाजार की दुकान या खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मे बैठते है।
सूत्रों से मिली जानकारी…….
मीरपुर कांटा-2 मे तैनात प्रधानाध्यापिका निशात अंसारी आगामी 13 अगस्त तक अवकाश पर हैं। इसमे चौकाने वाली बात यह है कि प्रति महीने यह प्रधानाध्यापिका लगभग 15 दिन की छुट्टी पर रहती हैं। इनकी छुट्टी सेटिंग के जरिए मौखिक ही रहती है, कागजो पर नही चढाई जाती़। उस क्षेत्र में इनके जैसे सभी अध्यापको की सेटिंग पैसे के बल पर समीर सिंह कराता है।जिसमे खुद भी पैसे कमाता है। इस क्षेत्र के दर्जनो पीडित अध्यापको ने बताया कि अन्य अध्यापको को 10 दिन के अवकाश लेने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी के यहां एडियां रगडनी पडती है तब भी छुट्टी नही मिलती….
जबकि निशात अंसारी जैसी प्रधानाध्यापिका को किस जादू के तहत अक्सर छुट्टी मिल जाती है यह विभाग भर मे चर्चा का विषय है। इतना ही नहीं प्राथमिक शिक्षको के आपसी समूह मे बने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भी किसी भी प्रकार की संभावित जांच आने पर उन्हें सचेत करने के लिए लोकप्रिय शब्द है!
क्षेत्र मे आज बारिश होने वाली है
व्हाट्सएप पर यह शब्द पढते ही सारे अध्यापक सचेत हो जाते है आज कहीं जांच होने वाली है।
बीईओ के कृपापात्र समीर सिंह जैसे अध्यापक उनके कार्यालय मे ही बैठकर दिन भर गप्पे लडाते हैं।तो उनके उपर कौन कार्यवाही करेगा एक यक्ष प्रश्न है। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी रविता राव ने बताया की सोहावल में मेरी पोस्टिंग अभी 3 महीने पहले ही हुई है, उक्त शिकायत सामने आई है शीघ्र ही जांच कर कार्रवाई की जाएगी, सूत्र..
