February 21, 2026

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झोला छाप डाक्टर की भेंट चढ़ा मासूम, दो दिन बाद पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मुकदमा

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अमानीगंज अयोध्या

झोलाछाप डॉक्टर से इलाज के बाद कोई इच्छावर्षीय मासूम की मौत के 2 दिन बाद खांडसा पुलिस ने मामले में आरोपी झोलाछाप डॉक्टर विजय प्रताप सिंह के विरुद्ध गैर इरतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ओवरडोज हार्ट अटैक की बात कहीं जा रही है

खण्डासा थाना क्षेत्र के पूरे काली पासी भखौली गाँव निवासी धनंजय पुत्र छबिलाल ने खंडासा पुलिस को दी गई तहरीर में कहा था कि उसका 6 वर्षीय भतीजा शिवांशु पुत्र राजकुमार बुखार से पीड़ित था जिसे लेकर वह लोग बहादुरगंज चौराहे के पास दुकान करने वाले झोलाछाप डॉक्टर विजय प्रताप सिंह की दुकान पर गए जहां दवाई इलाज करने के बाद उन्होंने बच्चों को घर भेज दिया बच्चे की तबीयत खराब होने के बाद पुन:बच्चे को लेकर के डॉक्टर की दुकान पर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उन्हें भरती करते हुए इंजेक्शन लगाया और कुछ दवाई देकर घर जाने को कहा घर पहुंचने के बाद रात में बच्चे की शरीर अकड़ गई और अचानक उसने करीब 9 बजे रात्रि में दम तोड़ दिया यह घटना 10 जुलाई की बताई जा रही है सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण जानकारी होने पर इकट्ठा हो गये और पुलिस को मामले में तहरीर दी गई।
पहले तो पुलिस ने मीडिया से मामले में अनभिज्ञता जताते हुए जानकारी देने में आनाकानी की उसके बाद पीडित की तहरीर जब मीडिया कर्मियों को मिली और समाचार पत्रों और मीडिया चैनलों पर खबरें चलने के बाद पुलिस ने घटना के दो दिन बाद अंतत: धारा 105 में मुकदमा पंजीकृत कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी जबकि दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग अब भी आंख मुंदे बैठा हुआ है उसका अमानीगंज विकासखंड में जगह-जगह खुले अवैध मेडिकल स्टोर और झोलाछाप डॉक्टरों के ऊपर चलाया गया अभियान फुस्स होता नजर आ रहा है
बताते चलेंगे खंडासा थाना क्षेत्र में इस समय बहुत तेजी वर्षा जनित वायरल फीवर का प्रकोप चल रहा है तमाम गांव में बुखार से छोटे बच्चे पीड़ित बताए जा रहे हैं वहीं गांव गली और चौराहे चौराहे पर खोले गए बगैर लाइसेंसी मेडिकल स्टरों पर धड़ले से नकली और जानलेवा दवाईयां और इंजेक्शन बेंचे जा रहे हैं जिस पर स्वास्थ्य विभाग का कोई अंकुश नहीं रह गया है अभी कुछ दिन पूर्व कुमारगंज में इन्हीं सब कारणों को लेकर के एक अस्पताल के खिलाफ जांच करने के बाद मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है यक्ष प्रश्न यह है कि डॉक्टर की बैधता और फर्जी मेडिकल स्टोर संचालकों पर सरकार का चाबुक क्यों नहीं चल रहा है
फिलहाल पुलिस ने तहरीर प्राप्त होने के 2 दिन बाद मुकदमा दर्ज कर अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है जबकि स्वास्थ्य विभाग की किसी भी प्रकार की गतिविधियां अवैध मेडिकल स्टोर संचालकों तथा झोलाछाप डॉक्टरों के ऊपर दिखाई नहीं पड़ रही है। देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कब अपनी नींद से जगाता है

राकेश कुमार मिश्रा मंडल ब्यूरो

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