कप्तान,एसएचओ से छुट्टी के लिए फरियाद करता रह गया कांस्टेबल पत्नी और बच्चे की हो गई मौत
1 min readछुट्टी के लिए फरियाद करता रह गया कांस्टेबल पत्नी और बच्चे की हो गई मौत
पुलिस विभाग में बढ़ रही संवेदनहीनता से विभागीय लोग परेशान
जालौन
सिपाही की पत्नी प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थी वहीं सिपाही ने विभाग में छुट्टी की मांग करता रहा लेकिन विभाग से छुट्टी नहीं मिल सकी और उधर देखरेख के अभाव में डॉक्टरों की लापरवाही से सिपाही की पत्नी और नवजात बच्चे की मौत हो गई जब विभाग को इस बात की जानकारी मिली कि छुट्टी मांगने वाले सिपाही के नवजात बच्चे और पत्नी की प्रसव के दौरान मौत हो गई तो पुलिस विभाग में हड़कम्प मच गया और आनन फानन में पुलिस कप्तान ने पत्र जारी करके सभी थानेदार क्षेत्राधिकारी को छुट्टी स्वीकृत करने के कड़े निर्देश दे दिया अब सवाल उठता है कि जिस सिपाही की पत्नी और बच्चे की मौत हो गई है उसकी मौत के बाद उसे सिपाही के लिए कप्तान साहब के आदेश का क्या मतलब रह गया है पुलिस विभाग में बढ़ते संवेदनहीनता के चलते विभागीय लोग ही परेशान होते जा रहे हैं।
बताते चलें कि सिपाही की पत्नी अस्पताल में तड़पती रही विभागीय बरिष्ठ अधिकारी खामोश रहे सिपाही को छुट्टी तक नहीं मिली
एसओ साहब से एक पुलिस कांस्टेबल छुट्टी की जायज फरियाद करता रहा जिसमें कारण दिया गया था कि संबधित कांस्टेबल की पत्नी डिलिवरी हेतु अस्पताल में एडमिट है लेकिन कप्तान साहब के आदेशानुसार SHO द्वारा कांस्टेबल को घर जाने की छुट्टी नहीं दी जाती है. इसी बीच कांस्टेबल विकास निर्मल की पत्नी एवं नवजात बच्ची की दुखद मौत हो जाती है. अंत में कांस्टेबल ने कप्तान से लगाई गुहार तब कहीं जाकर कांस्टेबल अपने गृह जनपद मैनपुरी के लिए निकलता है जहां उसकी मासूम नवजात बच्ची और उसकी पत्नी दोनों मृत पड़े हुए थे।
इस घटना से पता चलता है कि विभागों में नैतिकता का स्तर क्या है. .
मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. क्या विभाग कोई एक कारण बता सकता है परिजनों ने आरोप लगाया की जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए । उस कांस्टेबल ने अपना परिवार खो दिया अब वो आराम से ड्यूटी करेगा.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार
इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है लेकिन. मामले में बरिष्ठ अधिकारी कर रहे लीपापोती

