डिविजनल सुशील कुमार मौर्य का मंडल चित्रकूट से झांसी मंडल हुए तबादला
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प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन डिविजनल महोदय आदरणीय श्री सुशील कुमार मौर्या जी चित्रकूट मंडल के प्रेरणा स्रोत के नाम से जाने वाले आप एक-दूसरे का परिवार की तरह से सहयोग समर्थन करते रहे हैं। कुछ सप्ताहों में, आप संभवतः अपने वास्तविक परिवार की तुलना में संस्था के प्रति कर्मठशील जुझारू काम के प्रति बीच बीच में मार्गदर्शन मिला। जिसमें किसी भी कार्य करने में बांधा नहीं हुई हैं। इसलिए जब भी कार्य करने का सौभाग्य मिले आप जैसा प्रेरणा स्रोत बने यह हमारे लिए स्मरणीय है। आप जैसा सम्मान देने वाला व्यक्ति बहुत कम मिलते हैं यह हमारे लिए गौरव की बात है। यह हम सभी के लिए एक बड़ा बदलाव हो सकता है। लेकिन परिवार के विपरीत, किसी डिविजनल को अलविदा कहते समय शिष्टाचार के नियम अलग होते हैं। आप उन्हें बधाई देना चाहते हैं , उन्हें शुभकामनाएं देना चाहते हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि आप उन्हें याद करेंगे, लेकिन आपको इसे पेशेवर रखना होगा। मध्य प्रदेश और उतर प्रदेश की सीमा पर स्थित चित्रकूट हिंदूओं के लिए काफी खास स्थान है, यहीं पर भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान 11 साल 6 माह तक रहे थे. हिंदूओं के लिए चित्रकूट धार्मिक स्थानों में से एक है. यहां के कण-कण में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की यादें बसी हुई हैं। मंडल आगमन हेतु हमारे प्रेरणा स्रोत के नाम से जाने वाले आदरणीय श्री वीरेंद्र सिंह सर चित्रकूट मंडल में आपका स्वागत है । नए-नए लोगों से कुछ अलग-अलग नई सीख मिलती है। जो हमारे जीवन में इतिहास बदल देने का काम करती है । हमने रोज अलग-अलग नई-नई सीख मितली है। जो की प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की तरफ से जितना बड़ा मान सम्मान पाया है जो कि काबिले तारीफ है।
मैं संदीप सिंह जनपद चित्रकूट पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपने समस्त दायित्वों का निर्वहन करने का प्रयत्न किया, फिर भी अगर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से भूलवश, मेरे द्वारा, आपको किसी प्रकार का कष्ट हुआ हो, मेरे किसी कृत्य से आपका हृदय व्यथित हुआ हो, तो मैं हृदय की गहराई से क्षमा प्रार्थी हूं आशा करता हूं, आपका स्नेह, प्रेम, सहयोग, आशीर्वाद और विश्वास हमेशा की तरह ही लगातार बना रहेगा..
