आरोपी के साथ पीड़िता के परिजनों का भी किया शांति भंग में चालान, युवती ने लगाया आरोप
1 min readयुवती के साथ हुई अश्लीलता में पुलिस की संवेदनहीनता
आरोपी के साथ पीड़िता के परिजन का भी किया शांति भंग में चालान
सीओ को पता है पूरा प्रकरण,फिर भी लापरवाही
मिशन शक्ति का सिर्फ ढिढोंरा
रुदौली,अयोध्या

पुलिस महकमे को लेकर एक कहावत किदवंती है कि ऊपर कप्तान नीचे भगवान के अलावा पुलिस किसी की नही सुनती।लेकिन बाबा बाजार थाना का एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे प्रतीत होता है कि यहां की पुलिस को न कप्तान का डर है न ही भगवान का।पूरा मामला तीन दिन पूर्व कामाख्या धाम चौकी से जुड़ा है।यहां की पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान को ठेंगा दिखाते छेड़छाड़ के एक मामले में कार्यवाही के नाम पर आरोपियों के साथ साथ पीड़ित परिजनों का ही चालान शांति भंग में कर दिया है।
बताते चले कि कामाख्या धाम चौकी क्षेत्र के एक गाँव मे एक युवती ने गांव के नंदन पर बकरी के बच्चे को डंडा मारकर पैर तोड़ने का आरोप लगाते हुये बताया की जब इसकी शिकायत करने विपक्षी पवन के घर गई तो उनके भाई गूदी,मन्नन व अजीत पुत्रगण गोरखनाथ ने लात घुसो से मारपीटा व गंदी गंदी गालियां देते हुए अश्लीलता करने की नीयत से अपने घर के अंदर घासीट रहे थे तभी शोर मचाने पर आवाज सुनकर माता-पिता आये।जिसे देख आरोपी भाग गए। पीड़िता ने जब मामले की शिकायत बाबा बाजार अंतर्गत मां कामाख्या धाम चौकी पर की तो चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने आरोपियों के साथ पीड़िता के परिजनों का ही चालान शांतिभंग में कर दिया।इस मामले में पीड़िता ने चौकी पर तैनात सिपाही सलिल यादव पर लाभ के चक्कर में पक्षपात करने का गंभीर आरोप लगाया है।मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता जिस सिपाही सलिल यादव पर गंभीर आरोप लगा रही है वह सिपाही थाना बीकापुर चौकी के चौरे बाजार चौकी पर तैनाती के दौरान निषाद समुदाय के लोगों की पिटाई पिटाई करने वाला रिश्वत लेने के आरोप में तत्कालीन एसएसपी शैलेश पांडेय ने सलिल यादव के साथ दो अन्य सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। वही सूत्र मिली जानकारी कि सिपाही सलिल यादव का विवादों से गहरा नाता रहा है।इस बाबत निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया मामले में दोनों।पक्षों ने सुलह कर लिया था।
मामले में सीओ आशीष निगम ने बताया प्रकरण संज्ञान में आया है जांच कर विधि कार्यवाही की जायेगी।
प्रदेश सरकार महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए सख्त है। स्थानीय पुलिस भी मिशन शक्ति का ढिढोंरा पीट रही है,मगर जिले के हालात कुछ और है। आला अफसरों को चौकी-थाना प्रभारियों को जागरुक करने के अभियान की जरूरत है।
