‘मन की बात’ सुन चुनावी जमीन मजबूत करने में जुटे जनप्रतिनिधि, जनसमस्याओं से बेखबर जनता परेशान
1 min readमिल्कीपुर में ‘मन की बात’ सुन चुनावी जमीन मजबूत करने में जुटे जनप्रतिनिधि, जनसमस्याओं से बेखबर जनता परेशान।
अयोध्या
आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने और सुनाने के आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनता मूलभूत समस्याओं से जूझने को मजबूर है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों का पूरा ध्यान आगामी चुनाव की बिसात बिछाने और चुनावी तैयारी करने पर टिका है, जबकि जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है। मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों बैठकों, आयोजनों और चुनावी रणनीतियों का दौर चरम पर है। जनप्रतिनिधि गांवों और चौपालों में जाकर ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए संगठन को मजबूत करने और अपनी चुनावी जमीन तलाशने में व्यस्त हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि नेता जी सिर्फ अपने राजनीतिक हित साधने में लगे हैं। चुनावी मोर्चे पर सक्रियता के बीच क्षेत्र की गंभीर जनसमस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। क्षेत्र की मुख्य और ग्रामीण सड़कें खस्ताहाल हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं और आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। किसानों की फसलों को आवारा पशु लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा। गांवों में जलभराव और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। “नेता जी जब चुनाव आता है, तब ‘मन की बात’ सुनने और वोट मांगने आ जाते हैं। लेकिन जब गांव की टूटी सड़कें, बिजली की किल्लत और नालियों की सफाई जैसी समस्याओं को लेकर उनके पास जाओ, तो केवल आश्वासन मिलता है। आज जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।” — स्थानीय निवासी जनप्रतिनिधियों के इस अनदेखी भरे रवैये से मिल्कीपुर की आम जनता में गहरा असंतोष और आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधियों ने केवल अपने राजनीतिक समीकरण साधने के बजाय जनता की रोजमर्रा की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो आगामी चुनाव में इसका करारा जवाब दिया जाएगा।

