हरिद्वार में गूंजा बाँदा का नाम पूर्व सैन्य अधिकारी व कवि डॉ. राजेन्द्र तिवारी स्वदेश को मिला आचार्य विनोबा भावे सम्मान
1 min readबाँदा
जनपद बाँदा के वरिष्ठ कवि गीतकार एवं पूर्व सैन्य अधिकारी डॉ. राजेन्द्र तिवारी स्वदेश को देवभूमि हरिद्वार के कनखल स्थित परमार्थ धाम में आयोजित थावे विद्यापीठ के 11वें वार्षिक अधिवेशन में प्रतिष्ठित आचार्य विनोबा भावे सम्मान से अलंकृत किया गया है। पूज्य संतों एवं शीर्ष विद्वानों के कर कमलों द्वारा यह सम्मान प्राप्त होने पर जनपद सहित समूचे साहित्य जगत में हर्ष की लहर है। डॉ. स्वदेश ने इसे अपने साहित्यिक एवं सामाजिक जीवन की अविस्मरणीय उपलब्धि बताया। यह त्रिदिवसीय राष्ट्रीय समारोह आचार्य कुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र जी तथा थावे विद्यापीठ के कुलाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के 19 राज्यों से आए सैकड़ों मूर्धन्य साहित्यकारों कवियों विचारकों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। आयोजन के दौरान भव्य कवि सम्मेलन पुस्तक विमोचन प्रभात फेरी तथा सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। साथ ही विनोबा भावे के विचारों की वर्तमान समाज में प्रासंगिकता पर गंभीर विमर्श किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व व प्रमुख उपस्थितियाँ अधिवेशन में सर्वसम्मति से डॉ. धर्मेंद्र जी को पुनः आचार्य कुल का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया तथा आगामी वर्षों की राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार की गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. इंद्रजीत तिवारी बनारस से पधारे पूर्व सैनिक व जाँबाज़ कवि चिदानंद पांडेय चिद्रूप सहित विभिन्न प्रांतों के गणमान्य साहित्यकार एवं मनीषी उपस्थित रहे। सम्मान प्राप्ति पर डॉ. राजेन्द्र तिवारी स्वदेश ने आयोजक मंडल पूज्य संत समाज और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए सभी सहभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

