पुलिस में बड़ा फेरबदल: 10 इंस्पेक्टर- उपनिरीक्षक इधर से उधर, हत्याकांड में निलंबित उपनिरीक्षक को फिर मिली चौकी, एसपी के दो आदेशों से उठे सवाल
1 min readगोंडा पुलिस में बड़ा फेरबदल: 10 इंस्पेक्टर- उपनिरीक्षक इधर से उधर, हत्याकांड में निलंबित उपनिरीक्षक को फिर मिली चौकी, एसपी के दो आदेशों से उठे सवाल
गोंडा। कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के नाम पर एसपी गोंडा अभिषेक द्वारा सोमवार 29 सितंबर को जारी दो तबादला आदेशों में कुल 10 निरीक्षक/उपनिरीक्षकों को इधर से उधर किया गया है, लेकिन इन तबादलों ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। दो बड़े सवाल जो चर्चा में हैं।
- निलंबित उपनिरीक्षक की फील्ड में वापसी कैसे?
सबसे बड़ा सवाल उपनिरीक्षक कमल शंकर चतुर्वेदी को लेकर है। इन्हें परसपुर थानाध्यक्ष रहते हुए बहुचर्चित विनोद साहनी हत्याकांड में लापरवाही और जांच में शिथिलता के आरोप में कुछ दिन पूर्व ही निलंबित कर पुलिस लाइन भेजा गया था। अब उसी उपनिरीक्षक को कर्नलगंज जैसे संवेदनशील थाने की महत्वपूर्ण भंभुआ चौकी का प्रभारी बना दिया गया है। महकमे में चर्चा है कि निलंबन के कुछ दिन बाद ही फील्ड पोस्टिंग से अनुशासन की कार्रवाई का औचित्य ही खत्म हो जाता है।
- निरीक्षक की कुर्सी पर उपनिरीक्षक की तैनाती क्यों?
दूसरा बड़ा सवाल थानों की कमान को लेकर है। जिले के सबसे बड़े और अति संवेदनशील थानों में शुमार कर्नलगंज और नवाबगंज में नियमानुसार निरीक्षक रैंक के अधिकारी को थानाध्यक्ष बनाया जाता है, लेकिन इस आदेश में उपनिरीक्षक अभय सिंह को थानाध्यक्ष कर्नलगंज और उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह को थानाध्यक्ष नवाबगंज बना दिया गया है। जबकि चार निरीक्षक उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त निरीक्षक या अपराध शाखा में भेज दिया गया। इससे पुलिसिंग की गुणवत्ता और प्रोटोकॉल पर सवाल उठ रहे हैं।
आदेश के मुताबिक निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी को खरगूपुर से अपराध शाखा, दुर्गा प्रसाद को पुलिस लाइन से प्रभारी खरगूपुर, नरेन्द्र प्रताप राय को कर्नलगंज से प्रभारी एएचटीयू और अरविन्द कुमार कोरी को एएचटीयू से अपराध शाखा भेजा गया है। वहीं पवन कुमार को मनकापुर, श्रवण वर्मा को कोतवाली देहात और रमाशंकर राय को खरगूपुर में अतिरिक्त निरीक्षक बनाया गया है।

