संविधान सभा सदस्य डॉ आरबी कुंभार की जयंती मनाई
1 min readमिल्कीपुर।
क्षेत्र के खिहारन स्थित पौराणिक अंधीअंधा श्रवण आश्रम पर मंगलवार को डॉ. आरबी कुंभार की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व एआरटीओ चुन्नीलाल प्रजापति ने स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व सांसद डॉ. रत्नप्पा भरमप्पा कुम्भार के चित्र पर फूल चढ़ाकर और दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि डॉ. आरबी कुम्भार का पूरा जीवन देश के लिए समर्पित था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वह 24 जनवरी 1950 को मुंबई प्रांत से संविधान सभा के सदस्य चुने गए और देश में लागू हुए संविधान के अंतिम मसौदे पर दस्तखत किए।इसके बाद 1952 में वह सांसद चुने गए। वह 28 वर्षों तक महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य भी रहे।
कार्यक्रम के संयोजक एवं उम्मीद किरण सेवा संस्थान के अध्यक्ष लाल चन्द्र चौरसिया ने कहा कि डॉ बीआर कुंभार पिछड़ी जाति में जरूर पैदा हुए परंतु उनके कार्य आजीवन देश को समर्पित रहे, उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 1985 में उन्हें पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित किया था।
कार्यक्रम में होनहार छात्रा महक कुमारी ने मुख्य अतिथि को कुम्हार बिरादरी के पारंपरिक व्यवसाय को दर्शाती हुई एक पेंटिंग भेंट की, इस पेंटिंग में एक कुम्हार को चाक चलाते हुए दिखाया गया था। प्रजापति महासभा के जिला अध्यक्ष त्रिभुवन प्रजापति, रेनू प्रजापति, पंकज प्रजापति, गंगाराम प्रजापति और रामभवन प्रजापति ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक मकल्लू प्रजापति ने की, जबकि संचालन संतोष गुप्ता ने किया। इस मौके पर हृदयराम प्रजापति, राम प्रताप प्रजापति, संतोष प्रजापति, लेखराज प्रजापति, विक्रम पाल, खिलोधर प्रजापति, अर्चना प्रजापति, रामकरन प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शीलादेवी प्रजापति, विष्णु प्रजापति और वंशीधर प्रजापति समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।

