एसएसबी जवान के बेटे ने मुखाग्नि देकर पिता को दी अंतिम विदाई
1 min readएसएसबी जवान के बेटे ने मुखाग्नि देकर पिता को दी अंतिम विदाई
शव यात्रा में उमड़ा हजारों लोगों का सैलाब
बेटे को तिरंगे में लिपटा देख पिता की आँखें हुई नम
कुड़वार सुल्तानपुर।
छत्तीसगढ़ प्रांत के कांकेर जिले अंतागढ़ स्थित 28 वीं बटालियन एसएसबी में तैनात रहे जवान का शव तिरंगे में लिपटकर जब अपने घर पहुंचा तो हर किसी की आंखे नम हो गई।जिस औलाद को पाल पोसकर बुढ़ापे का सहारा मानकर माता पिता ने इस लायक बनाया था कि वह उनके बुढ़ापे का सहारा रहेगा।उसे तिरंगे में लिपट कर घर पहुंचने पर माता पिता दहाड़ मारकर रोने लगे।
बता दे कि स्थानीय थाना क्षेत्र के नेवरा खादर बसंतपुर गांव निवासी आनंद प्रकाश तिवारी(41)पुत्र बलराम तिवारी करीब 15 वर्ष पहले देश सेवा का जज्बा लेकर सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे।जिनकी सोमवार को ड्यूटी पर तैनाती के दौरान गोली लगने से मौत हो गई।मंगलवार सुबह एसएसबी की 28वीं बटालियन के जवान राजेंद्र अन्य साथियों के साथ शव लेकर गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया।तिंरगे मे लिपटा शव पहुंचते ही पिता बलराम तिवारी,माता राजेश्वरी देवी,पत्नी प्रियंका तिवारी,बेटा अनुभव तिवारी ,भाई वेद प्रकाश व रवि प्रकाश सहित अन्य परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे।सांत्वना देने पहुंचे लोगो के समझाने बुझाने के बाद सभी का मन मानने को तैयार हुआ कि वह अपनी अंतिम यात्रा पर निकल चुके है।शव घर पहुंचने के पहले ही हजारों की संख्या में क्षेत्रवासियों के साथ कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह,भाजपा नेता राम चंद्र मिश्रा, ओम प्रकाश पांडेय बजरंगी,पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू,अखिलेश तिवारी,पूजा कसौधन,विकास शुक्ला,मनीषा पांडेय,कांग्रेस प्रवक्ता राजेश तिवारी,जिलाध्यक्ष अभिषेक राणा,सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर गरिमा सौनकिया,राजस्व निरीक्षक शिव प्रसाद ने पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना प्रकट करते हुए ढाढ़स बंधाया।शव पहुंचने के बाद सभी नेताओं ने मृतक जवान को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
करीब 01 घंटा शव दरवाजे पर रखने के बाद एसएसबी के जवान परिजनो के साथ शव लेकर राजघाट कुड़वार पहुंचे।जहां तिरंगे में लिपटे जवान को साथी जवानों ने सलामी देकर विदा किया।साथ ही तिरंगे को शव से उतारकर एसएसबी के जवान ने रोते हुए पिता बलराम तिवारी व बेटे अनुभव तिवारी को सौंपते हुए कहा कि अब यही आपका बेटा है जिसे राष्ट्रीय पर्वों पर फहराईयेगा।उसके बाद स्थानीय लोकरीति के अनुसार बेटे द्वारा पिता को नम आंखों से मुखाग्नि दी गई।सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से प्रभारी थानाध्यक्ष दिनेश यादव,उपनिरीक्षक अम्बरीश पाठक, रंजीत सिंह,नवरंग सोनकर सहित स्थानीय पुलिस के जवान तैनात रहे।


