हरे पेड़ों की कटान से मचा हड़कंप, बीट प्रभारी पर सूचना के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप
1 min readहरे पेड़ों की कटान से मचा हड़कंप, बीट प्रभारी पर सूचना के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप
कुमारगंज वन रेंज के भटपुरवा मौजा कलंदरपुर में आम, शहतूत और गूलर समेत कई पेड़ों की कटान का मामला,
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से जांच की उठाई मांग
मिल्कीपुर, अयोध्या।
कुमारगंज वन रेंज और खंडासा थाना क्षेत्र के भटपुरवा मौजा कलंदरपुर में हरे पेड़ों की कथित कटान का मामला सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बिना आवश्यक अनुमति के आम, शहतूत, गूलर समेत अन्य हरे पेड़ों की कटान कराई जा रही है। शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ स्थानों पर मजदूरों को लगाकर पेड़ों की कटान कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी सूचना दूरभाष के माध्यम से बीट प्रभारी आनंद यादव को भी दी गई थी। आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पहुंचकर कटान रोकने या मामले की जांच कराने की दिशा में तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बाग खरीदने वाले पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय सूत्रों के अनुसार गटटू सिंह नामक व्यक्ति द्वारा संबंधित बाग खरीदे जाने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाग में मौजूद आम, शहतूत, गूलर सहित अन्य पेड़ों की कटान कराई जा रही है। हालांकि बाग की खरीद, पेड़ों की कटान और इसके लिए आवश्यक अनुमति से संबंधित अभिलेखों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पेड़ों की कटान के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई है तो संबंधित अभिलेखों की जांच की जानी चाहिए। वहीं, यदि बिना अनुमति के कटान की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
वन विभाग से मौके पर जांच की मांग एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण अभियानों के माध्यम से लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी ओर हरे पेड़ों की कथित कटान की शिकायतें सामने आना चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर काटे गए पेड़ों की संख्या, प्रजाति और कटान की परिस्थितियों का सत्यापन करें। साथ ही यह भी जांच की जाए कि पेड़ों की कटान के लिए वैध अनुमति ली गई थी या नहीं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार कर्मचारियों को सूचना दिए जाने के बावजूद कार्रवाई न होने से बीट स्तर की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि जांच में यदि अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित बाग मालिक, ठेकेदार अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

