सरकारी जमीन व चकमार्ग पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की कार्रवाई की मांग
1 min readगोण्डा। जिले के कर्नलगंज तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कथित कब्जे और चकमार्ग पर पक्का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की शिकायत और विरोध के बावजूद अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
शिकायती पत्र के अनुसार मामला कर्नलगंज तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बमडेरा के नदई पुरवा से संबंधित बताया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव की सरकारी भूमि तथा चकमार्ग की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शिकायत में गाटा संख्या 442, 444, 441, 403 एवं 439 का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि सरकारी उपयोग एवं आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन कथित अतिक्रमण के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दिनेश कुमार मिश्रा, अश्वनी कुमार, रमेश कुमार व राम कुमार समेत कुछ लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर चकमार्ग में खेती किए जाने तथा पक्का निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब इस संबंध में कब्जा हटाने की बात कही जाती है तो संबंधित लोगों द्वारा विरोध किया जाता है और कथित तौर पर धमकी भी दी जाती है।ग्रामीणों के मुताबिक, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के कारण गांव में आने-जाने का रास्ता प्रभावित हो रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते सरकारी जमीन और चकमार्ग को अवैध कब्जामुक्त नहीं कराया गया तो आने वाले समय में विवाद और बढ़ सकता है। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की राजस्व विभाग के माध्यम से स्थलीय जांच और पैमाइश कराए जाने की मांग की है। साथ ही संबंधित गाटा संख्या की भूमि से अवैध कब्जा हटाकर उसे सरकारी अभिलेखों के अनुरूप सुरक्षित कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाती है तो न केवल सरकारी संपत्ति सुरक्षित होगी, बल्कि गांव के लोगों को आवागमन की समस्या से भी राहत मिलेगी। वही मामले की जानकारी के लिए क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक राम सजीवन मिश्रा से दूरभाष द्वारा संपर्क किया गया कई बार फोन करने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।


